लता मंगेशकर की 97वीं जयंती आज, वीडियो में जाने पीएम मोदी ने दी भावपूर्ण श्रद्धांजलि; ‘ऐ मेरे वतन के लोगों’ से जुड़ा है खास किस्सा
महान गायिका लता मंगेशकर की आज 97वीं जयंती है। 28 सितंबर 1929 को जन्मीं लता मंगेशकर ने अपनी सुरीली आवाज और बेमिसाल गायकी से भारतीय संगीत को दुनियाभर में पहचान दिलाई। उनकी जयंती के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी और उनके योगदान को याद किया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया पर लिखा कि अपनी गायन प्रतिभा से दुनियाभर में देश का नाम रोशन करने वालीं लता दीदी को उनकी जयंती पर नमन। उन्होंने कहा कि लता मंगेशकर ने भारत को अपने सुमधुर सुरों से सजाया-संवारा और देश की समृद्धि से जुड़ी पहलों को भी हमेशा प्रोत्साहित किया। पीएम मोदी ने उनके भारतीय संगीत जगत में योगदान को लंबे समय तक याद किए जाने वाला बताया।
‘ऐ मेरे वतन के लोगों’ ने बनाया भावुक माहौल
लता मंगेशकर की आवाज में गाए देशभक्ति गीत ‘ऐ मेरे वतन के लोगों’ का किस्सा भी भारतीय संगीत इतिहास में खास स्थान रखता है। 1962 के भारत-चीन युद्ध के बाद कवि प्रदीप ने यह गीत लिखा था। गीत में युद्ध में शहीद हुए भारतीय सैनिकों की वीरता और बलिदान को याद किया गया था।कवि प्रदीप चाहते थे कि इस गीत को लता मंगेशकर अपनी आवाज दें। बताया जाता है कि 26 जनवरी 1963 को गणतंत्र दिवस के अवसर पर दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में लता मंगेशकर ने पहली बार सार्वजनिक रूप से इस गीत को प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू भी मौजूद थे।
लता की आवाज सुन भावुक हो गए थे नेहरू
गीत की प्रस्तुति के दौरान माहौल बेहद भावुक हो गया था। लता मंगेशकर की आवाज में ‘ऐ मेरे वतन के लोगों’ सुनकर पंडित जवाहरलाल नेहरू भी भावुक हो गए थे। इस प्रस्तुति ने गीत को देशभक्ति के सबसे यादगार गीतों में शामिल कर दिया।यह गीत आज भी राष्ट्रीय अवसरों और देशभक्ति से जुड़े कार्यक्रमों में सुना जाता है। लता मंगेशकर की आवाज में इसकी प्रस्तुति भारतीय संगीत और देशभक्ति की सामूहिक स्मृति का हिस्सा बन चुकी है।
संगीत की दुनिया में अमिट विरासत
लता मंगेशकर ने हिंदी के अलावा कई भारतीय भाषाओं में हजारों गीतों को अपनी आवाज दी। उनके लंबे संगीत करियर में फिल्मी गीतों के साथ भजन, देशभक्ति गीत और शास्त्रीय संगीत आधारित रचनाएं भी शामिल रहीं।6 फरवरी 2022 को लता मंगेशकर का निधन हुआ था, लेकिन उनकी आवाज और संगीत की विरासत आज भी करोड़ों श्रोताओं के बीच कायम है। उनकी जयंती पर देशभर में प्रशंसक और संगीत प्रेमी उन्हें याद कर रहे हैं।