'आनंद' के पहले हीरो बनने वाले थे किशोर कुमार, वीडियो में जाने आवाज के जादूगर की जिंदगी के अनसुने किस्से
हिंदी सिनेमा के इतिहास में जब बहुमुखी कलाकारों की बात होती है तो किशोर कुमार का नाम सबसे ऊपर आता है। वे केवल एक महान पार्श्वगायक ही नहीं, बल्कि अभिनेता, संगीतकार, निर्देशक, निर्माता और लेखक भी थे। अपनी अनोखी आवाज और बेहतरीन अभिनय से उन्होंने चार दशकों तक दर्शकों के दिलों पर राज किया। मोहम्मद रफी, मुकेश और मन्ना डे जैसे दिग्गजों के दौर में भी उन्होंने अपनी अलग पहचान बनाई। जितनी दिलचस्प उनकी कला थी, उतनी ही रहस्यमयी उनकी निजी जिंदगी भी रही। कोई उन्हें सनकी कहता था, तो कोई उनकी प्रतिभा और संवेदनशीलता का कायल था। उनसे जुड़े कई किस्से आज भी फिल्मी दुनिया में चर्चा का विषय बने हुए हैं।
'आनंद' के लिए पहली पसंद थे किशोर कुमार
साल 1971 में रिलीज हुई ऋषिकेश मुखर्जी की फिल्म 'आनंद' भारतीय सिनेमा की क्लासिक फिल्मों में गिनी जाती है। इस फिल्म में राजेश खन्ना ने अपने अभिनय से अमर छाप छोड़ी, लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि इस भूमिका के लिए वे पहली पसंद नहीं थे।बताया जाता है कि निर्देशक ऋषिकेश मुखर्जी शुरुआत में फिल्म के टाइटल रोल के लिए किशोर कुमार को लेना चाहते थे। इस बात का जिक्र किशोर कुमार के बेटे अमित कुमार ने भी एक इंटरव्यू में किया था। हालांकि, बाद में परिस्थितियां बदलीं और यह यादगार किरदार राजेश खन्ना के हिस्से में आया।
लता मंगेशकर की फीस से जुड़ा दिलचस्प किस्सा
किशोर कुमार और लता मंगेशकर की जोड़ी ने हिंदी सिनेमा को अनगिनत सुपरहिट गीत दिए। फिल्म पत्रकारों और संगीत जगत में प्रचलित एक किस्से के अनुसार, रिकॉर्डिंग से पहले किशोर कुमार अक्सर निर्माताओं से मजाकिया अंदाज में पूछते थे कि लता मंगेशकर को कितना पारिश्रमिक दिया जा रहा है।अगर उन्हें पता चलता कि लता जी की फीस ज्यादा है, तो वह मुस्कुराते हुए कहते थे, "मुझे लता जी से एक रुपया कम दे दीजिए।" इस किस्से को उनके सहज स्वभाव और लता मंगेशकर के प्रति सम्मान से जोड़कर देखा जाता है।
पहली कार को कबाड़ में नहीं बेचा, बंगले में दफना दिया
किशोर कुमार से जुड़ा सबसे चर्चित और अनोखा किस्सा उनकी पहली कार का है। फिल्म पत्रकार राजू भारतन और कई जीवनीकारों के अनुसार, जब उनकी पहली कार पूरी तरह खराब हो गई, तो उन्होंने उसे कबाड़ में बेचने से साफ इनकार कर दिया।बताया जाता है कि उन्होंने उस कार को अपने बंगले के परिसर में दफन करवा दिया। इतना ही नहीं, वे कई दिनों तक उसके लिए शोक भी मनाते रहे। यह घटना उनके भावुक और अलग व्यक्तित्व का प्रतीक मानी जाती है।
आज भी कायम है किशोर कुमार का जादू
किशोर कुमार ने अपने करियर में हजारों गीत गाए, जिनमें रोमांटिक, दर्दभरे, हास्य और प्रेरणादायक हर तरह के गाने शामिल हैं। उनकी आवाज आज भी हर पीढ़ी के संगीत प्रेमियों की पसंद बनी हुई है। अभिनय से लेकर गायन तक, उन्होंने जिस भी क्षेत्र में कदम रखा, वहां अपनी अमिट छाप छोड़ी।उनकी जिंदगी से जुड़े कई किस्से समय के साथ किंवदंतियों का रूप ले चुके हैं। यही वजह है कि दशकों बाद भी किशोर कुमार सिर्फ एक गायक नहीं, बल्कि भारतीय सिनेमा की सबसे यादगार और रहस्यमयी शख्सियतों में गिने जाते हैं।