वीडियो में तमन्ना भाटिया बोलीं- सनातन संस्कृति जितनी स्पिरिचुअल, उतनी ही साइंटिफिक भी; ‘हनुमान अंश’ की सफलता पर रखी राय
एक्ट्रेस तमन्ना भाटिया ने सनातन संस्कृति, अध्यात्म और इन विषयों पर बन रही फिल्मों की सफलता को लेकर अपनी राय साझा की है। दैनिक भास्कर को दिए इंटरव्यू में तमन्ना ने कहा कि सनातन संस्कृति जितनी स्पिरिचुअल है, उतनी ही साइंटिफिक भी है। उनके मुताबिक आज के दर्शक अपनी संस्कृति, परंपराओं और जड़ों के बारे में पहले से ज्यादा जानना चाहते हैं। यही वजह है कि ऐसी कहानियों की डिमांड बढ़ रही है और दर्शक इन्हें पसंद भी कर रहे हैं।
दर्शक अपनी संस्कृति को समझना चाहते हैं
तमन्ना भाटिया ने कहा कि आज के समय में लोग अपनी जड़ों से जुड़ी कहानियों को जानने और समझने में रुचि दिखा रहे हैं। खासतौर पर अर्बन इंडिया के लिए अपनी संस्कृति को समझना जरूरी है। उन्होंने कहा कि जब दर्शकों के बीच किसी तरह की कहानी की मांग होती है, तो फिल्ममेकर्स भी उसी तरह की कहानियों पर काम करते हैं।इन दिनों भारतीय पौराणिक कथाओं, अध्यात्म और सनातन संस्कृति से जुड़े विषयों पर कई फिल्में बन रही हैं। तमन्ना के मुताबिक इन फिल्मों को मिल रहा दर्शकों का रिस्पॉन्स भी इस बात को दिखाता है कि लोग अपनी सांस्कृतिक विरासत से जुड़ी कहानियां देखना चाहते हैं।
‘हनुमान अंश’ ने किया 414 करोड़ का बिजनेस
सनातन थीम पर आधारित फिल्म ‘हनुमान अंश’ की बॉक्स ऑफिस सफलता का भी इस दौरान जिक्र हुआ। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक फिल्म ने रिलीज के 56 दिनों में दुनियाभर में 414.06 करोड़ रुपए का बिजनेस किया है। फिल्म की कमाई को लेकर दर्शकों के बीच लगातार चर्चा बनी हुई है।फिल्म की कहानी और उसके आध्यात्मिक संदर्भों ने दर्शकों का ध्यान खींचा है। ऐसे में तमन्ना ने सनातन संस्कृति से जुड़ी फिल्मों की बढ़ती लोकप्रियता को दर्शकों की बदलती रुचि से जोड़कर देखा।
‘हर बात का सबूत जरूरी नहीं’
तमन्ना ने अध्यात्म और विश्वास के बीच के संबंध पर भी बात की। उन्होंने कहा कि अक्सर लोग किसी भी बात पर विश्वास करने से पहले उसका सबूत मांगते हैं। हालांकि, उनके मुताबिक अध्यात्म का नजरिया इससे अलग है। इसमें पहले विश्वास करने और फिर अनुभव के जरिए चीजों को समझने की बात कही जाती है।तमन्ना ने अपनी फिल्म ‘वन’ में निभाए किरदार का उदाहरण देते हुए कहा कि साइंस और स्पिरिचुअलिटी को एक-दूसरे से अलग नहीं देखा जाना चाहिए। उनके मुताबिक दोनों एक ही बात को समझाने के दो अलग तरीके हो सकते हैं।
साइंस और स्पिरिचुअलिटी पर तमन्ना की सोच
एक्ट्रेस की इस राय के मुताबिक विज्ञान जहां चीजों को तर्क और प्रमाण के जरिए समझने की कोशिश करता है, वहीं अध्यात्म अनुभव और विश्वास के जरिए जीवन को देखने का नजरिया देता है। तमन्ना ने कहा कि दोनों के बीच अंतर करने के बजाय इन्हें एक-दूसरे के पूरक नजरिए के तौर पर भी देखा जा सकता है।सनातन संस्कृति पर आधारित फिल्मों की बढ़ती सफलता के बीच तमन्ना का यह बयान ऐसे समय आया है, जब दर्शकों के बीच पौराणिक, आध्यात्मिक और सांस्कृतिक कहानियों को लेकर दिलचस्पी देखने को मिल रही है।