☰
×

श्रिया सरन के करियर का टर्निंग पॉइंट बनी ‘दृश्यम’, साउथ में मिली पहचान के बाद बॉलीवुड में करना पड़ा संघर्ष

 

अभिनेत्री श्रिया सरन ने साउथ सिनेमा से लेकर बॉलीवुड तक अपनी अलग पहचान बनाई है। हालांकि, उनका फिल्मी सफर आसान नहीं रहा। माता-पिता चाहते थे कि श्रिया अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद अभिनय की दुनिया में कदम रखें, लेकिन एक म्यूजिक वीडियो ने उनके करियर की दिशा बदल दी। तेलुगु फिल्म ‘इष्टम’ से अभिनय की शुरुआत करने वाली श्रिया ने दक्षिण भारतीय फिल्मों में लोकप्रियता हासिल की, लेकिन हिंदी सिनेमा में उन्हें अपनी जगह बनाने के लिए काफी संघर्ष करना पड़ा।

श्रिया ने ‘तुझे मेरी कसम’, ‘शुक्रिया’ और ‘मिशन इस्तांबुल’ जैसी फिल्मों में काम किया, लेकिन इन फिल्मों से उन्हें वह सफलता नहीं मिली जिसकी उम्मीद थी। अभिनेत्री ने अपने करियर में गलत फैसले लेने की बात भी स्वीकार की थी। इसके बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और लगातार काम करती रहीं।

साउथ की फिल्मों ने दिलाई पहचान

श्रिया सरन ने अपने अभिनय करियर की शुरुआत तेलुगु फिल्म ‘इष्टम’ से की थी। इसके बाद उन्होंने दक्षिण भारतीय सिनेमा की कई फिल्मों में काम किया और अपनी पहचान मजबूत की। रजनीकांत की फिल्म ‘शिवाजी’ में काम करने के बाद उनकी लोकप्रियता और बढ़ी। इस फिल्म ने उन्हें बड़े सितारों के साथ काम करने का अवसर दिया और उनके करियर को नई दिशा मिली।

हालांकि, हिंदी फिल्मों में शुरुआती दौर में उन्हें अपेक्षित सफलता नहीं मिली। कई फिल्मों में काम करने के बावजूद बॉलीवुड में उनकी पहचान उतनी मजबूत नहीं हो पाई। ऐसे समय में भी श्रिया ने अभिनय जारी रखा और अलग-अलग तरह के किरदारों को अपनाया।

‘दृश्यम’ ने बदली हिंदी करियर की तस्वीर

साल 2015 में रिलीज हुई फिल्म ‘दृश्यम’ श्रिया सरन के हिंदी फिल्मी करियर का अहम पड़ाव साबित हुई। निशिकांत कामत के निर्देशन में बनी इस फिल्म में उन्होंने अजय देवगन की पत्नी नंदिनी सालगांवकर का किरदार निभाया था।

फिल्म की कहानी एक ऐसे परिवार के इर्द-गिर्द घूमती है, जो मुश्किल परिस्थितियों में फंस जाता है। नंदिनी एक मां और पत्नी के रूप में अपने परिवार को बचाने की कोशिश करती है। इस भूमिका में श्रिया को केवल ग्लैमरस अंदाज दिखाने के बजाय भावनात्मक अभिनय करने का मौका मिला।

उनके किरदार में डर, चिंता और परिवार के प्रति लगाव जैसे भाव दिखाई दिए। इस भूमिका ने हिंदी दर्शकों के बीच उनकी पहचान को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई।

‘आरआरआर’ से मिली अंतरराष्ट्रीय पहचान

‘दृश्यम’ फ्रेंचाइजी के अलावा श्रिया सरन ने एसएस राजामौली की फिल्म ‘आरआरआर’ में भी काम किया। इस फिल्म को भारत के साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान मिली। इन फिल्मों के जरिए श्रिया ने साबित किया कि वह अलग-अलग तरह की भूमिकाएं निभाने में सक्षम हैं।

श्रिया सरन का सफर बताता है कि शुरुआती असफलताओं के बावजूद लगातार मेहनत और नए अवसरों को अपनाकर करियर को नई दिशा दी जा सकती है। साउथ सिनेमा में पहचान बनाने से लेकर हिंदी फिल्मों और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चित प्रोजेक्ट्स तक पहुंचने का उनका सफर उतार-चढ़ाव से भरा रहा है।