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‘रावण तांडव’ पर छिड़ी बहस, AR रहमान के म्यूजिक से निराश हुए फैंस; वीडियो में जाने ‘आदिपुरुष’ के शिव तांडव से तुलना

 

निर्देशक नितेश तिवारी की अपकमिंग फिल्म ‘रामायण’ के दूसरे गाने ‘रावण तांडव’ को लेकर सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है। 1 मिनट 55 सेकंड लंबे इस गाने में साउथ सुपरस्टार यश रावण के किरदार में भगवान शिव की भक्ति करते नजर आ रहे हैं। हालांकि, गाना रिलीज होते ही इसके म्यूजिक और बोल को लेकर लोगों ने सवाल उठाने शुरू कर दिए। सोशल मीडिया यूजर्स का कहना है कि एआर रहमान का संगीत और कुमार विश्वास के लिखे बोल उनकी उम्मीदों पर खरे नहीं उतरे। कुछ लोगों ने इसकी तुलना फिल्म ‘आदिपुरुष’ के ‘शिव तांडव’ से करते हुए इसे कम प्रभावशाली बताया है।

1 मिनट 55 सेकंड के गाने पर उठे सवाल

<a style="border: 0px; overflow: hidden" href=https://youtube.com/embed/gLXsc81gH0w?autoplay=1&mute=1><img src=https://img.youtube.com/vi/gLXsc81gH0w/hqdefault.jpg alt=""><span><div class="youtube_play"></div></span></a>" style="border: 0px; overflow: hidden;" width="640">

‘रावण तांडव’ के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर दर्शकों ने अपनी प्रतिक्रियाएं देना शुरू कर दिया। कई यूजर्स का मानना है कि रावण जैसे शक्तिशाली और प्रभावशाली किरदार के लिए संगीत में जिस ऊर्जा की उम्मीद थी, वह इस गाने में नजर नहीं आती।कुछ लोगों ने एआर रहमान के म्यूजिक को फिल्म के मिजाज के अनुरूप नहीं बताया। वहीं, कई यूजर्स ने गाने की प्रस्तुति और उसके प्रभाव को लेकर भी निराशा जताई।हालांकि, ये प्रतिक्रियाएं सोशल मीडिया यूजर्स की व्यक्तिगत राय हैं। गाने को लेकर सभी दर्शकों की प्रतिक्रिया एक जैसी नहीं है।

4 मिनट के गाने को छोटा करने का दावा

सोशल मीडिया पर यह दावा भी किया जा रहा है कि फिल्म में ‘रावण तांडव’ का पूरा वर्जन करीब 4 मिनट का है, जबकि प्रोमो में इसे 1 मिनट 55 सेकंड का रखा गया है।कुछ यूजर्स का मानना है कि गाने को छोटा करने के दौरान उसके मूल प्रवाह और ऑडियो क्वालिटी पर असर पड़ा है। उनके मुताबिक, लंबे वर्जन में संगीत को जिस तरह विकसित होने का मौका मिलता, वह छोटे प्रोमो वर्जन में महसूस नहीं हो रहा।हालांकि, गाने के मूल वर्जन की अवधि और प्रोमो के लिए संपादन के दौरान ऑडियो क्वालिटी से समझौता किए जाने के दावों की आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है।

‘आदिपुरुष’ के शिव तांडव से हो रही तुलना

‘रावण तांडव’ की तुलना प्रभास अभिनीत फिल्म ‘आदिपुरुष’ के ‘शिव तांडव’ से भी की जा रही है। उस फिल्म के लिए अजय-अतुल ने संगीत तैयार किया था।कुछ संगीत प्रेमियों का कहना है कि ‘आदिपुरुष’ का शिव तांडव अपने दमदार संगीत और ऊर्जा के कारण अधिक प्रभावशाली महसूस होता है। उनके मुताबिक, उसे सुनते समय भक्ति और उत्साह का गहरा अनुभव होता है, जबकि ‘रामायण’ का नया ट्रैक वैसा भावनात्मक असर पैदा नहीं कर पा रहा है।सोशल मीडिया पर कुछ यूजर्स ने यहां तक सुझाव दिया कि फिल्म के अगले भाग के लिए म्यूजिक कंपोजर बदलने पर विचार किया जाना चाहिए।

एआर रहमान और हंस जिमर से थीं बड़ी उम्मीदें

फिल्म ‘रामायण’ के संगीत को लेकर दर्शकों की उत्सुकता पहले से रही है। एआर रहमान और हंस जिमर जैसे संगीतकारों के नाम जुड़ने के कारण लोगों को भव्य और प्रभावशाली संगीत की उम्मीद थी।ऐसे में ‘रावण तांडव’ को लेकर सामने आ रही प्रतिक्रियाएं फिल्म के संगीत पर चल रही बहस को और तेज कर रही हैं। हालांकि, फिल्म का पूरा गाना और उसका संदर्भ सामने आने के बाद ही संगीत के समग्र प्रभाव का बेहतर आकलन किया जा सकेगा।फिलहाल, ‘रावण तांडव’ को लेकर सोशल मीडिया पर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कुछ लोग इसके संगीत से निराश हैं, तो कुछ दर्शक फिल्म के पूरे वर्जन का इंतजार कर रहे हैं।