'भूत बंगला' पब्लिक रिव्यू: किसी ने बताया टाइम पास तो किसी को याद आई भूल भुलैया
मुंबई, 17 अप्रैल (आईएएनएस)। अक्षय कुमार और प्रियदर्शन की हॉरर कॉमेडी फिल्म 'भूत बंगला' शुक्रवार को सिनेमाघरों में रिलीज हो गई। इस फिल्म के जरिए 16 साल बाद दोनों ने फिर से साथ में काम किया है। सोशल मीडिया पर फिल्म को लेकर अच्छी प्रतिक्रिया मिल रही थी। कई यूजर्स इसकी तुलना 2007 में आई हॉरर कॉमेडी भूल भुलैया से कर रहे हैं। दर्शकों की तरफ से फिल्म को मिली-जुली प्रतिक्रिया मिल रही है, कुछ को फिल्म बहुत पसंद आई, तो कुछ को सिर्फ टाइम पास लगी।
इससे पहले 2010 में अक्षय कुमार और प्रियदर्शन की फिल्म खट्टा-मीठा आई थी।
'भूत बंगला' देखकर आए एक दर्शक ने कहा, "यह अच्छी और पैसा वसूल फिल्म है। अक्षय कुमार और प्रियदर्शन लंबे समय बाद साथ आए और दोनों का जादू फिर से चला है। अगर कोई पुरानी फिल्मों जैसी वाइब ढूंढ रहा है, तो वो नहीं मिलेगी, लेकिन फिल्म में कॉमेडी और हॉरर का अच्छा मिश्रण देखने को मिला है। प्रियदर्शन के पसंदीदा कलाकार इस फिल्म में हैं। पहला हिस्सा कॉमेडी और हॉरर से भरपूर है, जो पूरी तरह पैसा वसूल है। दूसरा हिस्सा एक नया मोड़ लेकर आता है। पुरानी कहानी सामने निकलकर आती है, जिससे कहानी थोड़ी गंभीर होने लगती है।"
फिल्म को 'भूल भुलैया' से कंपेयर करने को लेकर उन्होंने कहा, "फिल्म को देखने पर भूल भुलैया वाली फीलिंग जरूर आएगी, क्योंकि दोनों फिल्में प्रियदर्शन की हैं और हवेली जैसा सेट है। मुझे लगता है कि अगर भूल भुलैया के बाकी पार्ट्स नहीं आते, तो शायद भूल भुलैया 2 यही होती। आज की युवा पीढ़ी को यह फिल्म जरूर पसंद आएगी।"
फिल्म के गानों को लेकर उन्होंने कहा कि इस पर उन्हें थोड़ा काम करना चाहिए था। पुरानी फिल्मों जैसे भूल भुलैया और खट्टा-मीठा के गाने बहुत अच्छे थे, लेकिन इस फिल्म के गाने उतने खास नहीं बने।
दूसरे दर्शक ने फिल्म की तारीफ करते हुए कहा, "मुझे यह फिल्म बहुत अच्छी लगी। प्रियदर्शन ने 2007 में भूल भुलैया बनाई थी। इस फिल्म को देखते समय बार बार उसकी याद आ रही थी। हॉरर और कॉमेडी का मिश्रण शानदार है। अक्षय कुमार ने फिल्म में कमाल का काम किया है। राजपाल, परेश रावल जैसे कलाकारों के साथ वामिका गब्बी समेत सभी ने भी अच्छा काम किया है। स्क्रीनप्ले मजबूत है और प्रीतम के गाने भी अच्छे लगे।"
एक और अन्य दर्शक ने अक्षय और प्रियदर्शन की जोड़ी की सराहना की। उन्होंने कहा, "प्रियदर्शन और अक्षय कुमार की जोड़ी ने फिर कमाल कर दिया। लोग इसे भूल भुलैया से तुलना कर रहे हैं, लेकिन यह उतनी प्रभावशाली नहीं थी। राजपाल यादव ने अच्छा काम किया है।"
एक दर्शक और दर्शक ने फिल्म को टाइम पास और वन टाइम बताया। उन्होंने कहा, "यह फिल्म टाइम पास के लिए अच्छी है, लेकिन सिर्फ एक बार देखने लायक है। दूसरा हिस्सा ज्यादा मजेदार था। फिल्म में कई कॉमेडियन हैं, परेश रावल, राजपाल यादव और असरानी। असरानी जी की यह आखिरी फिल्म है। प्रियदर्शन का निर्देशन ठीक है और गाने भी अच्छे हैं।"
युवा दर्शक की राय थोड़ी अलग थी। उन्होंने बताया कि यह ठीक-ठाक था। उन्होंने कहा, "सभी का सामान्य अभिनय था। कोई खास बात नहीं थी। निर्देशन में कमी थी और अक्षय का काम अच्छा था, उन्होंने जोक्स भी अच्छे तरीके से अपना काम किया, लेकिन लेखनी अच्छी नहीं थी।"
--आईएएनएस
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