बचपन से कैमरे से नाता, सवित्रि से मिली पहचान, कुछ ऐसा रहा कीर्ति सुरेश का फिल्मी सफर
नई दिल्ली, 16 अक्टूबर (आईएएनएस)। साउथ सिनेमा की दुनिया में कई ऐसी अभिनेत्रियां हैं, जिन्होंने अपनी खूबसूरती और शानदार अदाकारी से दर्शकों के दिलों में खास जगह बनाई है। इन्हीं में से एक नाम है कीर्ति सुरेश का। अपनी मासूम मुस्कान, खूबसूरत अंदाज और दमदार अभिनय के लिए पहचानी जाने वाली कीर्ति आज किसी पहचान की मोहताज नहीं हैं। उन्होंने तमिल, तेलुगु और मलयालम फिल्मों में अपनी अदाकारी का जादू चलाया है। फिल्म 'महानती' में अभिनेत्री सावित्री का किरदार निभाकर उन्होंने दर्शकों के दिलों पर ऐसी छाप छोड़ी कि हर तरफ उनके अभिनय की चर्चा होने लगी।
कीर्ति सुरेश का जन्म 17 अक्टूबर 1992 को मद्रास, जिसे अब चेन्नई के नाम से जाना जाता है, में हुआ था। उनके पिता जी. सुरेश कुमार मलयालम फिल्म इंडस्ट्री के जाने-माने निर्माता हैं, जबकि उनकी मां मेनका अपने दौर की मशहूर अभिनेत्री रह चुकी हैं। ऐसे में कीर्ति को बचपन से ही फिल्मों और अभिनय की दुनिया को करीब से देखने का मौका मिला।
कीर्ति ने बहुत कम उम्र में अभिनय की दुनिया में कदम रख दिया था। कीर्ति सुरेश ने साल 2000 में रिलीज हुई मलयालम फिल्म 'पायलट्स' में बतौर चाइल्ड आर्टिस्ट काम किया था। इसके बाद भी वह कुछ फिल्मों में बाल कलाकार के रूप में नजर आईं। हालांकि, शुरुआती फिल्मों के बाद उन्होंने अभिनय से कुछ समय का ब्रेक लिया और अपनी पढ़ाई पर ध्यान दिया।
कीर्ति ने फैशन डिजाइनिंग की पढ़ाई की, लेकिन अभिनय के प्रति उनका लगाव कम नहीं हुआ। पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने एक बार फिर फिल्मों की दुनिया में वापसी की।
साल 2013 में आई मलयालम फिल्म 'गीतांजलि' से उन्होंने बतौर लीड एक्ट्रेस अपने करियर की शुरुआत की। इस फिल्म में उनके अभिनय को दर्शकों का अच्छा रिस्पॉन्स मिला। इसके बाद कीर्ति ने पीछे मुड़कर नहीं देखा और धीरे-धीरे दक्षिण भारतीय सिनेमा की लोकप्रिय अभिनेत्रियों में शामिल हो गईं।
कीर्ति सुरेश के करियर की सबसे खास फिल्मों में 'महानती' का नाम सबसे ऊपर आता है। साल 2018 में रिलीज हुई यह तेलुगु फिल्म दिग्गज अभिनेत्री सावित्री की जिंदगी पर आधारित थी। इस फिल्म में सावित्री का किरदार निभाना कीर्ति के लिए बड़ी चुनौती थी। सावित्री की शख्सियत, उनके भाव और अभिनय के अंदाज को पर्दे पर उतारना आसान नहीं था, लेकिन कीर्ति ने अपने शानदार अभिनय से इस चुनौती को स्वीकार किया। उन्होंने किरदार को इतनी खूबसूरती से निभाया कि दर्शक उनकी अदाकारी के कायल हो गए।
फिल्म को दर्शकों और समीक्षकों से खूब तारीफ मिली। सबसे बड़ी बात यह रही कि इस फिल्म में उनके अभिनय के लिए कीर्ति सुरेश को सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिला। इस उपलब्धि ने उनके करियर को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा दिया और उन्हें देशभर में पहचान दिलाई।
इसके बाद उन्होंने तमिल और तेलुगु फिल्मों में भी कई यादगार भूमिकाएं निभाईं। 'सरकार', 'इडु एन्ना मायम' और 'रेमो' जैसी फिल्मों ने उनके करियर को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाई।
कीर्ति सुरेश सिर्फ अपनी फिल्मों के लिए ही नहीं, बल्कि अपने फैशन सेंस को लेकर भी चर्चा में रहती हैं। पारंपरिक साड़ी हो या वेस्टर्न आउटफिट, वह हर अंदाज में अपने प्रशंसकों का ध्यान खींच लेती हैं। सोशल मीडिया पर भी उनकी तस्वीरों और स्टाइल को खूब पसंद किया जाता है। आज कीर्ति सुरेश उन अभिनेत्रियों में शामिल हैं, जिन्होंने क्षेत्रीय सिनेमा से निकलकर देशभर में अपनी पहचान बनाई है।
--आईएएनएस
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