Asha Parekh Birthday: 84 साल की हुईं बॉलीवुड की दिग्गज एक्ट्रेस, 60 के दशक में बनाई थी खास पहचान
60 और 70 के दशक में अपनी खूबसूरती, शानदार अदाकारी और डांस के लिए मशहूर रहीं आशा पारेख ने लंबे समय तक फिल्म इंडस्ट्री पर राज किया। उन्होंने अपने करियर में एक से बढ़कर एक हिट फिल्मों में काम किया, लेकिन निजी जिंदगी में उन्होंने कभी शादी नहीं की। उनके जन्मदिन पर आइए जानते हैं उनके फिल्मी सफर और निजी जिंदगी से जुड़े कुछ खास पहलुओं के बारे में।
बचपन से था डांस का शौक
आशा पारेख का जन्म 2 अक्टूबर 1942 को मुंबई में हुआ था। उनके पिता प्राणलाल पारेख और मां सलमा थीं। बचपन में आशा पारेख डॉक्टर बनना चाहती थीं, लेकिन डांस के प्रति उनका लगाव उन्हें मनोरंजन की दुनिया तक ले आया।
एक स्टेज कार्यक्रम में उनके डांस से फिल्ममेकर बिमल रॉय प्रभावित हुए थे। इसके बाद उन्हें महज 10 साल की उम्र में 1952 में आई फिल्म ‘मां’ में बतौर चाइल्ड आर्टिस्ट काम करने का मौका मिला।
17 साल की उम्र में बनीं लीड एक्ट्रेस
बाल कलाकार के तौर पर शुरुआत करने के बाद आशा पारेख ने 17 साल की उम्र में बतौर लीड एक्ट्रेस डेब्यू किया। साल 1959 में रिलीज हुई ‘दिल देकर देखो’ में वह शम्मी कपूर के साथ नजर आईं। फिल्म को दर्शकों ने खूब पसंद किया और इसके बाद आशा पारेख के करियर ने तेजी पकड़ ली।
इसके बाद उन्होंने ‘जब प्यार किसी से होता है’, ‘लव इन टोक्यो’, ‘कटी पतंग’, ‘कारवां’, ‘तीसरी मंजिल’, ‘आन मिलो सजना’ और ‘उपकार’ जैसी फिल्मों में काम किया।
अपने दौर की टॉप फीस लेने वाली अभिनेत्री
आशा पारेख ने 1959 से 1973 के बीच कई फिल्मों में बतौर लीड एक्ट्रेस काम किया। अपने दौर में वह हिंदी सिनेमा की लोकप्रिय और ज्यादा फीस लेने वाली अभिनेत्रियों में शामिल थीं। उनकी फिल्मों में अभिनय के साथ-साथ उनके डांस को भी दर्शकों ने काफी पसंद किया।
माता-पिता के निधन ने तोड़ दिया था
आशा पारेख अपने माता-पिता के बेहद करीब थीं। दोनों के निधन के बाद वह भावनात्मक रूप से बेहद मुश्किल दौर से गुजरीं। 2017 में एक इंटरव्यू में उन्होंने अपने जीवन के उस दौर के बारे में बात की थी और बताया था कि माता-पिता के जाने के बाद उन्हें काफी अकेलापन महसूस हुआ था। उन्होंने उस समय आत्महत्या के विचार आने की बात भी साझा की थी।
CBFC की चेयरपर्सन बनने वाली पहली महिला
फिल्मों में अपनी पहचान बनाने के बाद आशा पारेख ने प्रशासनिक भूमिका भी निभाई। वह 1998 से 2001 तक केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) की चेयरपर्सन रहीं। इस पद पर पहुंचने वाली वह पहली महिला बताई जाती हैं।
सम्मान और पुरस्कारों से भी नवाजी गईं
आशा पारेख को फिल्म ‘कटी पतंग’ के लिए 1970 में फिल्मफेयर बेस्ट एक्ट्रेस अवॉर्ड मिला था। इसके अलावा उन्हें 1992 में पद्मश्री, 2002 में फिल्मफेयर लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड और 2022 में दादा साहेब फाल्के अवॉर्ड से सम्मानित किया गया।
नासिर हुसैन से जुड़ा था रिश्ता
आशा पारेख की निजी जिंदगी की बात करें तो उनका नाम फिल्ममेकर नासिर हुसैन के साथ जोड़ा जाता रहा है। आशा पारेख ने अपनी आत्मकथा में भी इस रिश्ते का जिक्र किया है। नासिर हुसैन उस समय शादीशुदा थे और उनके बच्चे भी थे। यही वजह बताई जाती है कि दोनों का रिश्ता शादी तक नहीं पहुंच सका।
आशा पारेख ने कभी शादी नहीं की और आज भी वह अपनी जिंदगी अपने तरीके से जी रही हैं। उनका फिल्मी करियर और भारतीय सिनेमा में योगदान उन्हें हिंदी फिल्म इंडस्ट्री की यादगार अभिनेत्रियों में शामिल करता है।