Anjali Arora Controversy: कानपुर इवेंट विवाद पहुंचा अदालत, आयोजक ने लगाए धोखाधड़ी के आरोप; 5 नवंबर को अगली सुनवाई
सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर अंजलि अरोड़ा एक इवेंट को लेकर कानूनी विवाद में घिर गई हैं। कानपुर की एसीजेएम-5 अदालत में उनके खिलाफ कथित तौर पर कार्यक्रम से जुड़े समझौते का पालन नहीं करने को लेकर आपराधिक शिकायत दाखिल की गई है। शिकायतकर्ता और इवेंट आयोजक अमन निगम का आरोप है कि अंजलि को तय समय तक मंच पर प्रस्तुति देनी थी, लेकिन उन्होंने करीब 12 मिनट परफॉर्म करने के बाद कार्यक्रम छोड़ दिया। हालांकि, यह मामला अभी अदालत में विचाराधीन है और आरोपों पर अंतिम फैसला नहीं आया है।
क्या है पूरा विवाद?
आयोजक अमन निगम के मुताबिक, 15 अक्टूबर को कानपुर के लाजपत भवन में कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इसमें अंजलि अरोड़ा को बुलाने के लिए तीन लाख रुपये में समझौता तय हुआ था। आयोजकों का दावा है कि उनके लिए हवाई टिकट, होटल में ठहरने और आने-जाने के लिए गाड़ियों की व्यवस्था भी की गई थी।
निगम का आरोप है कि अंजलि को रात 9 बजे तक मंच पर पहुंचना था, लेकिन वह कथित तौर पर रात 9:45 बजे तक होटल से नहीं निकलीं। इसके बाद उन्होंने मंच पर करीब 12 मिनट तक प्रस्तुति दी और वहां से चली गईं। आयोजक इसे समझौते का उल्लंघन बता रहे हैं।
आयोजक ने पेश किए वीडियो और अन्य साक्ष्य होने का दावा
अमन निगम ने अंजलि अरोड़ा की ओर से कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा व्यवस्था और वाहन उपलब्ध कराने को लेकर उठाए गए सवालों पर आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि आयोजकों ने कार्यक्रम के लिए जरूरी इंतजाम किए थे।
निगम के मुताबिक, उनके पास गाड़ी की व्यवस्था और कार्यक्रम से जुड़े घटनाक्रम के वीडियो सहित अन्य साक्ष्य मौजूद हैं, जिन्हें कानूनी प्रक्रिया के दौरान पेश किया जा सकता है। उन्होंने अंजलि से अपनी गलती स्वीकार करने की अपील भी की है। ये सभी दावे शिकायतकर्ता की ओर से किए गए हैं।
पुलिस में शिकायत के बाद अदालत पहुंचे आयोजक
शिकायतकर्ता के वकील करीम अहमद के अनुसार, 22 अक्टूबर को स्वरूपनगर थाने में आवेदन देकर एफआईआर दर्ज करने की मांग की गई थी। इसके बाद 24 अक्टूबर को पुलिस कमिश्नर को भी शिकायत दी गई। मामले में मुख्यमंत्री के आईजीआरएस पोर्टल पर भी आवेदन अपलोड किया गया था।
वकील का कहना है कि पुलिस की ओर से एफआईआर दर्ज नहीं किए जाने के बाद अदालत में आपराधिक परिवाद दाखिल किया गया। अब अदालत ने शिकायतकर्ता के बयान दर्ज करने के लिए अगली तारीख 5 नवंबर निर्धारित की है।
कार्यक्रम पर 18 से 20 लाख रुपये खर्च करने का दावा
आयोजक पक्ष का कहना है कि कार्यक्रम की तैयारियों पर करीब 18 से 20 लाख रुपये खर्च किए गए थे। इसमें अंजलि अरोड़ा की फीस, टीम के सदस्यों के हवाई टिकट, होटल और परिवहन की व्यवस्था शामिल थी।
वकील ने दावा किया कि होटल से कार्यक्रम स्थल की दूरी लगभग दस मिनट थी और आयोजकों की ओर से व्यवस्था में कोई कमी नहीं रखी गई। उन्होंने अंजलि पर जानबूझकर समझौते का पालन नहीं करने का आरोप लगाया है।
सुरक्षा को लेकर अंजलि ने जताई थी चिंता
कार्यक्रम के बाद अंजलि अरोड़ा ने होटल में लोगों के घुसने से जुड़ी सुरक्षा चिंताओं का मुद्दा उठाया था। इसी के बाद आयोजक और उनके बीच विवाद सामने आया। दोनों पक्षों के दावों के बीच अब मामला अदालत पहुंच चुका है।
फिलहाल, अदालत में शिकायतकर्ता के बयान दर्ज होने बाकी हैं। 5 नवंबर की अगली तारीख पर होने वाली कार्यवाही से मामले में आगे की स्थिति स्पष्ट हो सकती है। तब तक आरोपों को अदालत में साबित होना बाकी है।