अमिताभ बच्चन ने अस्पताल के अनुभव के जरिए बयां किया जिंदगी का कड़वा सच
मुंबई, 21 जुलाई (आईएएनएस)। अभिनेता अमिताभ बच्चन अपने ब्लॉग के जरिए दर्शकों के बीच खास मौजूदगी रखते हैं। मेगास्टार ने मंगलवार को हॉस्पिटल में भर्ती होने, सर्जरी और आईसीयू के बारे में बात की। उन्होंने यह भी बताया कि ऐसी स्थिति में इंसान पर शारीरिक और मानसिक रूप से गहरा असर पड़ता है।
अभिनेता अमिताभ बच्चन ने अपने पर्सनल ब्लॉग पर लिखा कि डिस्चार्ज के बाद घर का सफर अक्सर इलाज से भी मुश्किल होता है। उन्होंने लिखा, "अस्पताल में सर्जरी और आईसीयू में रहने के बाद, कुशल डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ की देखरेख में इलाज पूरा होता है, फिर छुट्टी मिलती है और घर वापसी होती है, लेकिन घर लौटने के बाद का समय शारीरिक, मानसिक और व्यवहारिक रूप से सबसे कठिन होता है। आप एक सम्मानित चैंपियन होते हैं और फिर एक दिन हार आपके सामने आ जाती है। यह जिंदगी का सबसे मुश्किल समय हो सकता है।"
उन्होंने लिखा, "कुछ लोग इस दौर का हिम्मत से सामना करते हैं, जबकि कुछ हार मान लेते हैं और संघर्ष करते रहते हैं, वे साहस बनाए रखते हैं। वे हमेशा चैंपियन बने रहते हैं। जो ऐसा नहीं कर पाते, वे अपनी पुरानी सफलताओं को याद करते हुए जीवन में आगे बढ़ते हैं। यह हर व्यक्ति की अपनी निजी पसंद और फैसला होता है। दोनों में कुछ भी गलत नहीं है। स्वस्थ रहें, खुश रहें।"
हालांकि, मेगास्टार ने साफ तौर पर यह नहीं बताया है कि वह अपने बारे में बात कर रहे थे, या यह सिर्फ एक आम बात थी। अभिनेता फिलहाल, किसी भी तरह के गंभीर स्वास्थ्य समस्या ने नहीं जूझ रहे हैं।
एक्टर को आखिरी बार ‘कल्कि 2898 एडी’ में देखा गया था। इसमें अभिनेता ने 'अश्वत्थामा' का एक बेहद शक्तिशाली और ऐतिहासिक किरदार निभाया था। नाग अश्विन द्वारा निर्देशित इस डिस्टोपियन साइंस-फिक्शन फिल्म में पौराणिक कथाओं और भविष्य की दुनिया का अद्भुत मिश्रण दिखाया गया था, जिसमें अश्वत्थामा भगवान विष्णु के दसवें अवतार (कल्कि) की रक्षा करते हैं।
--आईएएनएस
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