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अमेरिका जाकर एमबीए करना चाहते थे रोहित रॉय, वीजा रिजेक्ट हुआ तो ऐसे बने एक्टर

 

मुंबई, 1 अक्टूबर (आईएएनएस)। अभिनेता रोहित रॉय आज टीवी और फिल्मों का जाना-पहचाना नाम हैं। पर्दे पर उन्होंने कभी हीरो तो कभी नेगेटिव किरदार निभाकर अपनी अलग पहचान बनाई है, लेकिन दिलचस्प बात यह है कि वह अपना करियर एक्टिंग लाइन में बनाना नहीं चाहते थे। वह अमेरिका जाकर एमबीए करना चाहते थे, लेकिन उनका स्टूडेंट वीजा रिजेक्ट हो गया। इसके बाद उन्होंने मुंबई में रुककर काम करना शुरू किया और धीरे-धीरे मॉडलिंग से एक्टिंग की तरफ बढ़ गए। कई इंटरव्यू में रोहित कह चुके हैं कि वह संयोग से एक्टर बने।

रोहित रॉय का जन्म 5 अप्रैल 1968 को नागपुर में हुआ था। वह अभिनेता रोनित रॉय के छोटे भाई हैं। पढ़ाई में उनकी दिलचस्पी थी और उन्होंने साइंस में ग्रेजुएशन किया, जिसमें फिजिक्स उनका पसंदीदा सब्जेक्ट था। इसके बाद उनका प्लान अमेरिका जाकर एमबीए करने का था। उन्होंने अमेरिका जाने की तैयारी भी की, लेकिन स्टूडेंट वीजा नहीं मिल पाया। इस फैसले ने उनकी जिंदगी की दिशा ही बदल दी। बाद में रोहित ने बताया कि उस वक्त वह काफी निराश हुए थे, लेकिन फिर उन्होंने इसे किस्मत का इशारा माना और मुंबई में रुक गए।

मुंबई में रुकने के दौरान रोहित ने विज्ञापन फिल्ममेकर कुणाल कपूर के साथ असिस्टेंट डायरेक्टर के तौर पर काम किया। इसके बाद उन्हें मॉडलिंग के ऑफर मिलने लगे। इसी दौरान फिल्ममेकर अनंत बलानी की नजर उन पर पड़ी और उन्हें फिल्म 'जज्बात' में काम करने का मौका मिला। फिल्म से उन्हें वह पहचान नहीं मिली जिसकी उम्मीद थी, लेकिन एक्टिंग की दुनिया में उनका रास्ता खुल चुका था। रोहित खुद कह चुके हैं कि उन्होंने कभी एक्टर बनने का फैसला नहीं किया था।

रोहित के करियर का सबसे बड़ा मोड़ टीवी शो 'स्वाभिमान' बना। इस शो से जुड़ी कहानी भी काफी दिलचस्प है। उस समय वह अपनी गर्लफ्रेंड मानसी जोशी के घर पर बैठे थे। मानसी को शो में काम करने का ऑफर मिला था, लेकिन उन्होंने इसे करने से मना कर दिया। रोहित ने बातचीत सुनी और खुद ऑडिशन देने की इच्छा जताई। उन्होंने नंबर लिया और मेकर्स से संपर्क किया। ऑडिशन में पहले उन्हें रिजेक्ट कर दिया गया, लेकिन बाद में उन्हें शो में मौका मिला।

'स्वाभिमान' में रोहित ने ऋषभ मल्होत्रा का किरदार निभाया और यह रोल देखते ही देखते बेहद लोकप्रिय हो गया। शो 1995 से 1997 तक डीडी नेशनल पर प्रसारित हुआ। रोहित ने एक इंटरव्यू में कहा कि उनके करियर में कई काम आए, लेकिन ऋषभ मल्होत्रा जैसी लोकप्रियता उन्हें दोबारा नहीं मिली। उनके पहले सीन में ही उन्हें अपने पिता की मौत की खबर मिलने का सीन करना था। रोहित ने बताया कि उन्होंने कम उम्र में अपने पिता को खो दिया था, इसलिए उस सीन में उनकी असली भावनाएं थीं।

टीवी पर पहचान बनाने के बाद रोहित ने फिल्मों का रुख किया। 'काबिल', 'शूटआउट एट लोखंडवाला', 'दस कहानियां', 'एक खिलाड़ी एक हसीना' और 'प्लान' जैसी फिल्मों में उन्होंने काम किया। 'शूटआउट एट लोखंडवाला' में उनके काम को खास तौर पर सराहा गया। उन्होंने फिल्मों के साथ टीवी पर भी लगातार काम किया और 'देश में निकला होगा चांद', 'कुसुम' और 'संजिवनी' जैसे शो का हिस्सा बने।

रोहित ने सिर्फ एक्टिंग तक खुद को सीमित नहीं रखा। उन्होंने निर्देशन में भी हाथ आजमाया। संजय गुप्ता की फिल्म 'दस कहानियां' में शामिल शॉर्ट फिल्म 'द राइस प्लेट' का उन्होंने निर्देशन किया। आज रोहित रॉय टीवी, फिल्मों और निर्देशन तीनों जगह काम कर रहे हैं।

--आईएएनएस

पीके/डीकेपी