कश्मीरी पंडितों के विस्थापन पर बोले कुमार विश्वास, 'शांतिप्रिय लोगों को अपनों ने ही बेघर किया'
मुंबई, 18 अप्रैल (आईएएनएस)। कश्मीर घाटी में आतंकवादियों द्वारा कश्मीरी पंडितों के साथ हुई हिंसा और उनके पलायन की घटना को आज भी लोग याद करते हैं। इस मुद्दे पर समय-समय पर चर्चा होती रहती है।
वहीं, फिल्म धुरंधर के रिलीज के बाद से ही कश्मीरी पंडितों के नरसंहार को लेकर ज्यादातर बातें सुनने को मिलती हैं। इसका मुख्य कारण है कि फिल्म के निर्देक आदित्य धर कश्मीरी पंडित हैं। अभी हाल ही में कवि कुमार विश्वास ने एक पॉडकास्ट के दौरान आदित्य धर और कश्मीरी पंडितों के दर्द के बारे में कुछ बातें की। कुमार विश्वास का यह क्लिप निर्देशक अशोक पंडित ने अपने इंस्टाग्राम स्टोरीज पर शेयर कर उन्हें धन्यवाद किया।
इसमें कुमार विश्वास कहते हैं, "आदित्य धर विस्थापित कश्मीरी पंडित हैं। इसी देश में एक प्रदेश में रहने वाले अत्यंत शांतिप्रिय लोगों को राजनीतिक निर्लज्जता के कारण अपना घर छोड़ना पड़ा। पूरा हिंदुस्तान इसकी बौद्धिक चेतना, सो-कॉल्ड प्रोपगैंडा, इंटेलेक्चुअल्स, सरकारें नपुंसकों की तरह देखती रहीं।"
वे आगे कहते हैं, "सैंतालीस तो मैंने मान लिया अंग्रेज करके गए, लोग इधर-उधर चले गए, लेकिन अब कौन करके गया था भाई साहब यह? सोचिए कोई व्यक्ति अपने घर में बैठा सुबह-सुबह शंकर का जाप करता हुआ शंकराचार्य के दर्शन करता भट्ट, सुबह अपना काम करता एक लड्डू, एक धर... अचानक गुंडों ने कहा, 'सुबह तक छोड़ जाओ, लड़कियां छोड़ जाओ नहीं तो, हम तुम्हें मार देंगे।'
कुमार विश्वास ने कहा कि आतंकियों ने सरकारी अधिकारियों, जजों को गोली मारी, चौराहों पर आतंक फैलाया। फिर भी दिल्ली चुप रही। जिसकी भी सरकार थी, सब चुपचाप तमाशा देखते रही। उन्होंने पूछते हुए कहा, "क्या किसी ने जम्मू में उनके शिविरों पर फिल्म बनाई? मुंबई में जिन्हें मिर्च लगी, उन्होंने क्या किया? कश्मीरी विस्थापन को समझने की कोशिश भी नहीं की गई।"
अशोक पंडित भी एक कश्मीरी पंडित हैं और कश्मीरी पंडित की व्यथा को जानते हैं कि वह कश्मीर से भगाए गए हैं और वहां पर बड़ी संख्या में कश्मीरी पंडितों का कत्लेआम भी किया गया था।
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