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West Bengal Teacher TET: 90 हजार शिक्षकों पर बड़ा अपडेट, सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद परीक्षा की तैयारी शुरू
 

 

कोलकाता: पश्चिम बंगाल के सरकारी स्कूलों में कार्यरत हजारों प्राथमिक शिक्षकों को अब Teacher Eligibility Test यानी TET से जुड़ी प्रक्रिया का सामना करना पड़ सकता है. राज्य के स्कूल शिक्षा विभाग ने इन-सर्विस प्राइमरी शिक्षकों के लिए TET आयोजित करने की दिशा में तैयारी शुरू करने के निर्देश दिए हैं. यह कदम सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुपालन में उठाया जा रहा है.
बताया जा रहा है कि इस प्रक्रिया के दायरे में करीब 90 हजार इन-सर्विस शिक्षक आ सकते हैं. हालांकि, फिलहाल परीक्षा की तारीख, आवेदन का तरीका और विस्तृत शेड्यूल जारी नहीं किया गया है.
किन शिक्षकों पर लागू होगी TET की शर्त?
यह मामला मुख्य रूप से उन प्राथमिक शिक्षकों से जुड़ा है, जिनकी नियुक्ति RTE Act, 2009 लागू होने से पहले हुई थी. सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के अनुसार, जिन शिक्षकों की सेवा में पांच साल से ज्यादा का समय बचा है, उन्हें निर्धारित अवधि के भीतर TET पास करना होगा.
वहीं, जिन शिक्षकों की सेवानिवृत्ति में पांच साल या उससे कम समय बचा है, उन्हें नौकरी में बने रहने के लिए TET से छूट दी गई है. हालांकि, अगर ऐसे शिक्षक प्रमोशन चाहते हैं तो TET की शर्त उनके लिए भी लागू होगी.
11 सितंबर को विभाग ने दिए निर्देश
पश्चिम बंगाल स्कूल शिक्षा विभाग ने 11 सितंबर 2026 को संबंधित परीक्षा संस्थाओं को TET आयोजित करने की तैयारियां शुरू करने के निर्देश दिए. इसके तहत परीक्षा से संबंधित जरूरी व्यवस्थाओं और सूचनाओं को तैयार करने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है.
रिपोर्ट्स के अनुसार, West Bengal Central School Service Commission (WBSSC) और West Bengal Board of Primary Education (WBBPE) से परीक्षा आयोजन को लेकर आवश्यक जानकारी और तैयारी करने को कहा गया है.
हालांकि, इसे अभी परीक्षा का आधिकारिक नोटिफिकेशन नहीं माना जा सकता. परीक्षा की तारीख और आवेदन से जुड़ी जानकारी अलग से जारी होने की उम्मीद है.
31 अगस्त 2028 तक TET पास करना होगा
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मुताबिक, पात्र शिक्षकों को 31 अगस्त 2028 तक TET की शर्त पूरी करनी होगी. पांच साल से अधिक सेवा बचने वाले शिक्षकों के लिए TET पास करना जरूरी है, जबकि पांच साल या उससे कम सेवा बाकी होने पर नौकरी जारी रखने के लिए उन्हें इस परीक्षा से छूट दी गई है.
इसके बावजूद प्रमोशन के लिए TET की पात्रता शर्त लागू रहेगी. यानी पदोन्नति पाने के इच्छुक शिक्षकों को निर्धारित नियम के अनुसार TET पास करना होगा.
शिक्षक संगठनों ने उठाए सवाल
TET कराने की तैयारी शुरू होने के बाद शिक्षक संगठनों की ओर से इसका विरोध भी सामने आया है. कुछ संगठनों का तर्क है कि जो शिक्षक वर्षों से सरकारी स्कूलों में सेवाएं दे रहे हैं, उनसे नौकरी के दौरान दोबारा पात्रता परीक्षा लेना उचित नहीं है.
शिक्षक संगठनों की ओर से पुराने नियुक्त शिक्षकों को TET की अनिवार्यता से बाहर रखने की मांग की जा रही है. अब इस मामले में आगे की प्रक्रिया और परीक्षा का आधिकारिक कार्यक्रम जारी होने के बाद तस्वीर और स्पष्ट होगी.