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Uttarakhand PG Doctors Bond: सरकारी मेडिकल कॉलेज से PG करने पर 2 साल की सरकारी सेवा, 260 सीटों पर लागू करने की तैयारी
 

 

उत्तराखंड सरकार सरकारी मेडिकल कॉलेजों से पोस्ट ग्रेजुएशन (PG) करने वाले डॉक्टरों के लिए सेवा नियमों में बदलाव की तैयारी कर रही है। प्रस्ताव लागू होने के बाद सरकारी मेडिकल कॉलेज से PG की पढ़ाई पूरी करने वाले डॉक्टरों को दो साल तक राज्य के सरकारी अस्पतालों में सेवा देना अनिवार्य हो सकता है।

इस व्यवस्था के लिए डॉक्टरों से एडमिशन के समय ही दो साल की अनिवार्य सेवा का बॉन्ड भरवाने का प्रस्ताव है। सरकार का उद्देश्य PG के बाद विशेषज्ञ डॉक्टरों की सेवाएं राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था में उपलब्ध कराना है।
एडमिशन के वक्त ही साइन होगा सर्विस बॉन्ड
चिकित्सा शिक्षा निदेशालय की ओर से नियमों में बदलाव का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। प्रस्ताव के मुताबिक, सरकारी मेडिकल कॉलेज में PG कोर्स में प्रवेश लेने वाले MBBS डॉक्टरों के साथ दो साल की सेवा का बॉन्ड किया जाएगा।
इसके तहत PG की पढ़ाई पूरी करने के बाद डॉक्टर को निर्धारित अवधि तक उत्तराखंड के सरकारी अस्पतालों में सेवाएं देनी होंगी। यानी डिग्री पूरी होने के तुरंत बाद राज्य से बाहर नौकरी करने के बजाय प्रस्तावित नियम के अनुसार डॉक्टर को दो साल तक प्रदेश की सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ा रहना होगा।

260 PG सीटों पर लागू करने की तैयारी
उत्तराखंड के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में PG की कुल 260 सीटें बताई गई हैं। सरकार इन सभी सीटों को प्रस्तावित बॉन्ड व्यवस्था के दायरे में लाने की तैयारी कर रही है।
एडमिशन के समय ही डॉक्टरों को सेवा से जुड़ी शर्तों की जानकारी दी जाएगी और उसी आधार पर बॉन्ड लिया जाएगा। प्रस्ताव में डॉक्टरों से सालाना 60 हजार रुपये फीस लेने का प्रावधान भी रखा गया है।
विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी दूर करने पर जोर
राज्य सरकार के सामने विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। सरकारी अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में विशेषज्ञ डॉक्टरों के करीब 50 फीसदी पद खाली होने की बात सामने आई है।

ऐसे में सरकार का तर्क है कि PG सीटों को सेवा बॉन्ड से जोड़ने पर पढ़ाई पूरी करने वाले विशेषज्ञ डॉक्टरों की सेवाएं कम से कम कुछ समय के लिए राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था को मिल सकेंगी। इससे सरकारी अस्पतालों में विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाओं की उपलब्धता बढ़ाने में मदद मिल सकती है।

सरकार के फैसले के बाद लागू होगी नई व्यवस्था
चिकित्सा शिक्षा निदेशालय ने प्रस्ताव शासन को भेज दिया है। अब इस पर सरकार के स्तर पर निर्णय लिया जाना है। प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद सरकारी मेडिकल कॉलेजों में PG दाखिले लेने वाले डॉक्टरों के लिए दो साल की सरकारी सेवा से जुड़ी शर्त लागू की जा सकती है।
चिकित्सा शिक्षा मंत्री सुबोध उनियाल ने भी राज्य में विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी को देखते हुए PG एडमिशन के नियमों में बदलाव की तैयारी की जानकारी दी है।