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यूपी बेसिक शिक्षा विभाग का बड़ा फैसला: 70 हजार प्राथमिक शिक्षकों को जल्द मिलेगी पदोन्नति

 

दिवाली से पहले उत्तर प्रदेश के हजारों शिक्षकों के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आ सकती है। बेसिक शिक्षा विभाग में लंबे समय से प्रमोशन का इंतजार कर रहे 70 हजार से ज्यादा शिक्षकों को जल्द पदोन्नति मिल सकती है। बताया जा रहा है कि प्रमोशन की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की तैयारी तेज कर दी गई है।

10 साल से प्रमोशन का इंतजार

यूपी बेसिक शिक्षा परिषद के तहत काम करने वाले हजारों शिक्षक करीब एक दशक से प्रमोशन का इंतजार कर रहे हैं। कानूनी और प्रशासनिक अड़चनों की वजह से यह प्रक्रिया लंबे समय से अटकी हुई थी। अब वरिष्ठता सूची से जुड़ी समस्याओं को दूर कर प्रमोशन की प्रक्रिया पूरी करने की तैयारी है।अगर प्रक्रिया तय समय के मुताबिक पूरी होती है, तो लंबे समय से एक ही पद पर काम कर रहे शिक्षकों को राहत मिल सकती है। प्रमोशन के साथ उनके पद और वेतन में भी बदलाव होने की संभावना है।

किन शिक्षकों को मिलेगा प्रमोशन?

प्रमोशन प्रक्रिया के तहत प्राथमिक विद्यालयों में सहायक अध्यापक के पद पर तैनात शिक्षकों को प्रिंसिपल या जूनियर बेसिक स्कूल में सहायक अध्यापक के पद पर पदोन्नति दी जा सकती है।इसी तरह जूनियर बेसिक स्कूलों में कार्यरत शिक्षकों को भी वरिष्ठ पदों पर प्रमोशन दिया जा सकता है। पूरी प्रक्रिया वरिष्ठता और विभागीय नियमों के आधार पर आगे बढ़ाई जाएगी।

डिजिटल होगी प्रमोशन प्रक्रिया

प्रमोशन में सबसे बड़ी अड़चन वरिष्ठता सूची को लेकर सामने आती रही है। अब इस प्रक्रिया को डिजिटल करने की तैयारी है, जिससे सूची तैयार करने में पारदर्शिता लाई जा सके।जिला स्तर पर बेसिक शिक्षा अधिकारी वरिष्ठता सूची को अंतिम रूप देंगे। इसके बाद शिक्षकों से आपत्तियां मांगी जाएंगी और आपत्तियों के निस्तारण के बाद अंतिम प्रमोशन सूची जारी की जा सकती है।

प्राथमिक शिक्षकों की भर्ती भी जारी

वहीं, उत्तर प्रदेश में प्राथमिक शिक्षकों की भर्ती का इंतजार कर रहे युवाओं के लिए भी भर्ती प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। कुल 12,405 पदों पर आवेदन मांगे गए हैं और उम्मीदवार 15 अक्टूबर तक आवेदन कर सकते हैं।भर्ती में पदों की संख्या बढ़ाने की मांग को लेकर अभ्यर्थियों की ओर से प्रदर्शन भी किए जा रहे हैं। ऐसे में एक तरफ जहां हजारों मौजूदा शिक्षकों को प्रमोशन की उम्मीद है, वहीं दूसरी तरफ शिक्षक भर्ती की तैयारी कर रहे युवाओं की नजर भी सरकार के अगले फैसले पर बनी हुई है।