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School Admission Rules: महाराष्ट्र में स्कूल एडमिशन के लिए उम्र तय, नर्सरी में 3 और पहली कक्षा में 6 साल होना जरूरी

 

महाराष्ट्र में बच्चों के स्कूल एडमिशन को लेकर राज्य सरकार ने नए नियम लागू करने का फैसला किया है। राज्य के स्कूली शिक्षा विभाग की ओर से जारी सरकारी आदेश के अनुसार, नर्सरी से लेकर पहली कक्षा तक प्रवेश के लिए बच्चों की न्यूनतम उम्र निर्धारित की गई है। नए नियमों के तहत नर्सरी में दाखिले के लिए बच्चे की उम्र कम से कम 3 साल और पहली कक्षा में प्रवेश के लिए 6 साल होना जरूरी होगा।

हालांकि, अभिभावकों को अचानक परेशानी से बचाने के लिए सरकार इस व्यवस्था को चरणबद्ध तरीके से लागू करेगी। नए नियमों का क्रियान्वयन शैक्षणिक सत्र 2027-28 से शुरू होगा और अगले चार सत्रों में उम्र से जुड़ा नया ढांचा लागू किया जाएगा।

30 जून के आधार पर तय होगी बच्चे की उम्र

नए नियमों के मुताबिक, स्कूल में एडमिशन के लिए बच्चे की उम्र की गणना हर साल 30 जून को आधार मानकर की जाएगी। यानी संबंधित कक्षा में दाखिले के लिए निर्धारित न्यूनतम उम्र इस तारीख तक पूरी होनी चाहिए।

उदाहरण के तौर पर, अगर किसी बच्चे की उम्र निर्धारित सीमा से कम है और उसका जन्मदिन 30 जून के बाद आता है, तो वह संबंधित सत्र में दाखिले के लिए पात्र नहीं हो सकता। ऐसे में अभिभावकों को एडमिशन से पहले बच्चे की जन्मतिथि और स्कूल के नियमों की जांच करनी होगी।

चार शैक्षणिक सत्रों में लागू होगा नया नियम

सरकार ने बच्चों की उम्र के अनुसार प्रवेश व्यवस्था को चरणबद्ध तरीके से लागू करने की योजना बनाई है। इसका शेड्यूल इस प्रकार है:

  • 2027-28: नर्सरी में प्रवेश के लिए न्यूनतम उम्र 3 साल।
  • 2028-29: जूनियर KG में प्रवेश के लिए न्यूनतम उम्र 4 साल।
  • 2029-30: सीनियर KG में प्रवेश के लिए न्यूनतम उम्र 5 साल।
  • 2030-31: पहली कक्षा में प्रवेश के लिए न्यूनतम उम्र 6 साल।

इस व्यवस्था का उद्देश्य बच्चों की स्कूली शिक्षा की शुरुआत के लिए एक समान आयु मानक तैयार करना है।

सभी बोर्ड के स्कूलों में लागू होंगे समान नियम

अब तक महाराष्ट्र में अलग-अलग बोर्ड से जुड़े स्कूलों में प्री-प्राइमरी और पहली कक्षा में दाखिले के लिए उम्र संबंधी मानकों में अंतर देखने को मिलता था। महाराष्ट्र बोर्ड के अलावा CBSE, ICSE और IB बोर्ड से मान्यता प्राप्त स्कूलों में भी प्रवेश की शर्तों को लेकर अभिभावकों के बीच असमंजस रहता था।

राज्य सरकार का उद्देश्य राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के अनुरूप सभी संबंधित स्कूलों में उम्र के समान मानक लागू करना है। इससे अभिभावकों को बच्चों के दाखिले की योजना बनाने में आसानी हो सकती है।

पहले से पढ़ रहे बच्चों को मिलेगी राहत

नए नियमों के तहत शैक्षणिक सत्र 2026-27 में नर्सरी से पहली कक्षा तक पढ़ रहे बच्चों पर उम्र की नई शर्त लागू नहीं होगी। इसके अलावा, मान्यता प्राप्त स्कूल से पिछली कक्षा पास करके अगली कक्षा में जाने वाले नियमित विद्यार्थियों को भी नए उम्र संबंधी नियम से छूट दी गई है।

सरकार ने स्कूल प्रमुखों को निर्धारित न्यूनतम और अधिकतम उम्र सीमा में अधिकतम 15 दिनों तक की छूट देने का अधिकार भी दिया है।

अभिभावकों के लिए जरूरी बात: बच्चे का एडमिशन कराने से पहले संबंधित स्कूल से लागू नियमों, कटऑफ तारीख और जन्मतिथि से जुड़े दस्तावेजों की पुष्टि जरूर कर लें। इससे दाखिले के समय किसी तरह की परेशानी से बचा जा सकता है।