NTA Exam Reform: परीक्षा सिस्टम में बड़ा बदलाव, फंक्शनल वर्टिकल से AI निगरानी तक नई व्यवस्था
NTA Exam Reform: राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) अपनी परीक्षा व्यवस्था में बड़े स्तर पर बदलाव कर रही है. परीक्षा सुरक्षा और संचालन को मजबूत करने के लिए एजेंसी के संगठनात्मक ढांचे, अधिकारियों की नियुक्ति, गोपनीय कामकाज और परीक्षा केंद्रों की निगरानी से जुड़े कई स्तरों पर सुधार किए जा रहे हैं. सुप्रीम कोर्ट में दाखिल हालिया हलफनामे में इन बदलावों और उनकी प्रगति की जानकारी दी गई है.
Exam Specific Units की जगह Functional Verticals
नई व्यवस्था के तहत NTA अपने पुराने एग्जाम स्पेसिफिक यूनिट्स मॉडल से हटकर फंक्शनल वर्टिकल स्ट्रक्चर की ओर बढ़ रही है. पहले कर्मचारियों और अधिकारियों को अलग-अलग परीक्षाओं के आधार पर यूनिट में बांटा जाता था. अब काम और विशेषज्ञता के आधार पर अलग-अलग वर्टिकल बनाए जा रहे हैं.
इस बदलाव का उद्देश्य परीक्षा संचालन के विभिन्न क्षेत्रों में विशेषज्ञता विकसित करना और जिम्मेदारियों को अधिक स्पष्ट बनाना है.
NTA में वरिष्ठ पदों के ढांचे में भी बदलाव
एजेंसी के वरिष्ठ प्रशासनिक ढांचे में भी बदलाव का प्रस्ताव है. डायरेक्टर जनरल के पद को जॉइंट सेक्रेटरी स्तर से बढ़ाकर एडिशनल सेक्रेटरी स्तर का करने का प्रस्ताव सरकार के विचाराधीन है.
इसके अलावा NTA में जॉइंट सेक्रेटरी स्तर के पांच नए पद बनाए जाने का प्रस्ताव भी रखा गया है. इससे एजेंसी में प्रशासनिक और परीक्षा संचालन से जुड़ी जिम्मेदारियों को अलग-अलग स्तर पर मजबूत करने की योजना है.
IAS, IPS और IRS अधिकारियों की तैनाती
NTA में विभिन्न सरकारी सेवाओं से अधिकारियों को शामिल किया जा रहा है. मई 2026 में सेंट्रल स्टाफिंग स्कीम के तहत दो जॉइंट डायरेक्टर की तैनाती हुई थी. इसके बाद अगस्त में 14 और अधिकारी एजेंसी से जुड़े.
इनमें जॉइंट सेक्रेटरी से लेकर असिस्टेंट सेक्शन ऑफिसर स्तर तक के अधिकारी शामिल हैं. अलग-अलग सरकारी सेवाओं से आने वाले अधिकारियों में IAS, IPS, IRS और Indian Statistical Service के अधिकारी भी शामिल हैं.
इसके साथ ही सिक्योरिटी, HR, असेसमेंट एवं R&D, टेस्ट सेंटर, कैंडिडेट एक्सपीरियंस, इंफॉर्मेशन सिक्योरिटी, टेस्ट सिक्योरिटी और विजिलेंस जैसे क्षेत्रों में डोमेन एक्सपर्ट्स की नियुक्ति की जा रही है.
Minto Road ऑफिस में शिफ्ट हुआ गोपनीय कामकाज
NTA के परीक्षा संचालन से जुड़े संवेदनशील और गोपनीय काम को दिल्ली के मिंटो रोड स्थित गवर्नमेंट ऑफ इंडिया प्रेस बिल्डिंग में शिफ्ट किया गया है.
एजेंसी को यहां पांचवीं मंजिल के अलावा चौथी और छठी मंजिल के कुछ हिस्सों में कुल 55,524.53 वर्ग फुट जगह उपलब्ध कराई गई है. इस परिसर में गोपनीय परीक्षा संबंधी कामकाज के लिए सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है.
39 CISF जवान संभाल रहे सुरक्षा
गृह मंत्रालय के आदेश के बाद नए परिसर में 39 CISF जवानों की तैनाती की गई है. इनकी जिम्मेदारी संवेदनशील क्षेत्र में प्रवेश करने वाले लोगों की स्क्रीनिंग और एक्सेस कंट्रोल से जुड़ी है.
ऑफिस के प्रवेश और निकास बिंदुओं पर X-Ray बैगेज स्क्रीनिंग और Door Frame Metal Detector जैसी सुरक्षा व्यवस्थाओं का इस्तेमाल किया जाएगा. इससे गोपनीय परीक्षा सामग्री वाले क्षेत्रों में अनधिकृत पहुंच को नियंत्रित करने की व्यवस्था की जा रही है.
Question Paper से Result तक बदली SOP
NTA ने परीक्षा प्रक्रिया के अलग-अलग चरणों के लिए नई Standard Operating Procedures (SOPs) तैयार की हैं. इनमें प्रश्न पत्र तैयार करने से लेकर ट्रांसलेशन, प्रिंटिंग, पैकिंग, ट्रैकिंग और मूवमेंट तक की प्रक्रियाएं शामिल हैं.
इसके अलावा परीक्षा केंद्र पर सुरक्षा, परीक्षा के दिन ट्रंक खोलने और रिजल्ट तैयार करने की प्रक्रिया को भी SOP के दायरे में रखा गया है.
AI और Biometric Technology का इस्तेमाल
परीक्षा केंद्रों पर निगरानी और उम्मीदवारों की पहचान को मजबूत करने के लिए कई तकनीकी उपाय अपनाए जा रहे हैं. इनमें आधार आधारित बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन, फेस ऑथेंटिकेशन, मल्टी-लेयर रिस्किंग, मोबाइल जैमर, CCTV मॉनिटरिंग और AI आधारित टूल्स शामिल हैं.
परीक्षा की निगरानी के लिए पांच स्तर वाली ओवरसाइट व्यवस्था का भी प्रावधान किया गया है. इन बदलावों का उद्देश्य परीक्षा के अलग-अलग चरणों में सुरक्षा, निगरानी और प्रक्रिया की जवाबदेही को मजबूत करना है.