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NEET-UG 2027 में बदल सकता है परीक्षा का तरीका, CBT के लिए सरकारी कॉलेजों में खोजे जा रहे सेंटर
 

 


NEET-UG 2027 को कंप्यूटर आधारित टेस्ट (CBT) मोड में कराने की दिशा में तैयारियां तेज होती नजर आ रही हैं। परीक्षा आयोजित करने वाली नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) देशभर में नए कंप्यूटर टेस्टिंग सेंटर की संभावनाएं तलाश रही है। इसके लिए ऐसे सरकारी तकनीकी संस्थानों की पहचान की जा रही है, जहां पहले से पर्याप्त कंप्यूटर और IT इंफ्रास्ट्रक्चर मौजूद है।

सूत्रों के मुताबिक, इस प्रक्रिया में ऑल इंडिया काउंसिल फॉर टेक्निकल एजुकेशन (AICTE) की मदद ली जा रही है। AICTE ने अपने दायरे में आने वाले सरकारी तकनीकी संस्थानों से कंप्यूटर, इंटरनेट और अन्य तकनीकी सुविधाओं की जानकारी मांगी है।

सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेजों पर नजर

NEET-UG में हर साल लाखों उम्मीदवार शामिल होते हैं। अगर परीक्षा CBT मोड में आयोजित की जाती है, तो देशभर में बड़ी संख्या में कंप्यूटर आधारित परीक्षा केंद्रों की जरूरत होगी। इसी को ध्यान में रखते हुए सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेजों और अन्य तकनीकी संस्थानों में उपलब्ध सुविधाओं का आकलन किया जा रहा है।

संस्थानों से उनके पास मौजूद कंप्यूटरों की संख्या के अलावा कंप्यूटर लैब, इंटरनेट कनेक्टिविटी और अन्य IT सुविधाओं की जानकारी भी मांगी गई है। इन आंकड़ों के आधार पर यह तय किया जा सकता है कि कौन से संस्थान परीक्षा केंद्र के लिए उपयुक्त हो सकते हैं।

खाली जगह का भी हो रहा आकलन

टेस्टिंग सेंटर की पहचान में केवल कंप्यूटरों की संख्या ही महत्वपूर्ण नहीं होगी। संस्थानों में मौजूद ऐसी खाली जगह का विवरण भी जुटाया जा रहा है, जिसे परीक्षा आयोजित करने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है।

माना जा रहा है कि कंप्यूटर क्षमता, इंटरनेट, बिजली, लैब और उपलब्ध जगह समेत सभी जानकारियों का विश्लेषण करने के बाद संभावित स्टैंडर्ड टेस्टिंग सेंटर की सूची तैयार की जाएगी।

छोटे निजी संस्थानों के लिए आसान नहीं होगी राह

CBT परीक्षा के लिए छोटे निजी संस्थानों को परीक्षा केंद्र के तौर पर इस्तेमाल करना आसान विकल्प नहीं माना जा रहा है। किसी भी संस्थान को केंद्र बनाने से पहले कई मानकों पर उसकी क्षमता की जांच जरूरी होगी।

इसमें कंप्यूटरों की संख्या, इंटरनेट की गुणवत्ता, बिजली और बैकअप व्यवस्था, सिस्टम की क्षमता, तकनीकी सहायता और परीक्षा के दौरान बड़ी संख्या में छात्रों को संभालने की क्षमता जैसे पहलू शामिल हो सकते हैं।

यानी सिर्फ कंप्यूटर लैब होने से कोई संस्थान NEET-UG टेस्टिंग सेंटर के लिए योग्य नहीं माना जाएगा। NTA की ओर से तकनीकी और अन्य जरूरी सुविधाओं का विस्तृत मूल्यांकन किया जा सकता है।

लाखों छात्रों के लिए बड़ी तैयारी

NEET-UG जैसी बड़े स्तर की परीक्षा को CBT मोड में आयोजित करने के लिए मजबूत डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर की जरूरत होगी। देश के अलग-अलग हिस्सों में पर्याप्त और समान स्तर की सुविधाएं उपलब्ध कराना NTA के सामने बड़ी चुनौती होगी।

सरकारी तकनीकी संस्थानों के मौजूदा इंफ्रास्ट्रक्चर का इस्तेमाल करने से नए सेंटर तैयार करने की लागत और समय को कम करने में मदद मिल सकती है।

अभी अंतिम फैसला नहीं

हालांकि, NEET-UG 2027 को CBT मोड में आयोजित करने और किन संस्थानों को परीक्षा केंद्र बनाया जाएगा, इस पर अभी अंतिम फैसला नहीं हुआ है। फिलहाल सरकारी तकनीकी संस्थानों से कंप्यूटर, इंटरनेट, लैब और उपलब्ध जगह समेत जरूरी सुविधाओं की जानकारी जुटाने की प्रक्रिया चल रही है।

अगर यह योजना अंतिम रूप लेती है, तो NEET-UG के आयोजन के तरीके में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। ऐसे में मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारी करने वाले छात्रों को आने वाले समय में परीक्षा के नए मोड और उससे जुड़ी आधिकारिक गाइडलाइंस पर नजर रखनी होगी।