NEET लीक, SSC में धांधली और CBSE का 'डिजिटल' ब्लंडर...एग्जाम सिस्टम को कोस रहे छात्र
देश की परीक्षा व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में है। एक तरफ मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET में पेपर लीक के आरोपों ने लाखों छात्रों की मेहनत पर सवाल खड़े किए, तो दूसरी ओर SSC परीक्षाओं में धांधली की शिकायतें लगातार सामने आती रहीं। अब केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड यानी Central Board of Secondary Education के डिजिटल सिस्टम में आई गड़बड़ी ने छात्रों और अभिभावकों की चिंता और बढ़ा दी है।
हाल के दिनों में कई छात्रों ने आरोप लगाया कि CBSE के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर रिजल्ट, मार्कशीट और अन्य जरूरी दस्तावेजों को लेकर तकनीकी समस्याएं सामने आईं। कुछ छात्रों को गलत जानकारी दिखाई दी, जबकि कई स्टूडेंट्स को लॉगिन और डेटा एक्सेस में परेशानी का सामना करना पड़ा। सोशल मीडिया पर छात्रों ने अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए परीक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं।
इससे पहले NEET UG 2024 Paper Leak Controversy ने देशभर में बड़ा विवाद खड़ा कर दिया था। लाखों छात्रों और अभिभावकों ने परीक्षा की पारदर्शिता पर सवाल उठाए थे। कई राज्यों में जांच एजेंसियों ने कार्रवाई भी की। छात्रों का कहना था कि वर्षों की मेहनत के बाद अगर परीक्षा प्रक्रिया पर ही भरोसा न रहे, तो यह उनके भविष्य के साथ अन्याय है।
वहीं Staff Selection Commission की भर्ती परीक्षाओं को लेकर भी समय-समय पर धांधली और पेपर लीक के आरोप लगते रहे हैं। कई अभ्यर्थियों ने परीक्षा केंद्रों पर अव्यवस्था, सर्वर डाउन और रिजल्ट प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी जैसी शिकायतें कीं। इससे युवाओं में गुस्सा लगातार बढ़ता जा रहा है।
अब CBSE के डिजिटल प्लेटफॉर्म में आई तकनीकी गड़बड़ियों ने इस बहस को और तेज कर दिया है कि क्या देश की परीक्षा प्रणाली वास्तव में छात्रों के भरोसे पर खरी उतर रही है। छात्रों का कहना है कि डिजिटल इंडिया की बात तो की जाती है, लेकिन जब सबसे जरूरी समय आता है, तब सिस्टम ही जवाब दे देता है।
शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि लगातार सामने आ रही इन घटनाओं से छात्रों का मानसिक दबाव बढ़ रहा है। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में कई साल लगाने वाले युवाओं के लिए ऐसी घटनाएं निराशाजनक साबित होती हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह पारदर्शी और तकनीकी रूप से मजबूत बनाने की जरूरत है।
सोशल मीडिया पर कई छात्रों ने सरकार और संबंधित एजेंसियों से जवाबदेही तय करने की मांग की है। कुछ छात्रों ने लिखा कि परीक्षा सिर्फ सवालों का नहीं, बल्कि भरोसे का भी खेल होती है। यदि सिस्टम पर ही विश्वास खत्म होने लगे, तो मेहनत का महत्व कम हो जाता है।
फिलहाल छात्र बेहतर और निष्पक्ष परीक्षा व्यवस्था की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि पेपर लीक, तकनीकी गड़बड़ी और धांधली जैसी घटनाओं पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि आने वाली पीढ़ियों का भविष्य सुरक्षित रह सके।