MP TET Exam 2026: डेढ़ लाख शिक्षकों की परीक्षा पर फिर फंसा पेंच, ESB ने ऑफलाइन एग्जाम से खड़े किए हाथ
मध्य प्रदेश में सेवारत शिक्षकों के लिए अनिवार्य शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) को लेकर एक बार फिर असमंजस की स्थिति बन गई है। शिक्षकों की मांग को देखते हुए सरकार ने परीक्षा को ऑनलाइन के साथ ऑफलाइन मोड में कराने का फैसला किया था, लेकिन अब परीक्षा आयोजित करने वाली एजेंसी मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल (ESB) ने ऑफलाइन परीक्षा कराने में असमर्थता जताई है।
ESB के इस रुख के बाद स्कूल शिक्षा विभाग के सामने अब नई परीक्षा एजेंसी तलाशने की चुनौती खड़ी हो गई है। इससे परीक्षा की तारीख और पूरी प्रक्रिया में बदलाव की संभावना भी बढ़ गई है।
CM ने की थी ऑफलाइन TET कराने की घोषणा
शिक्षकों की लंबे समय से चली आ रही मांग को देखते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शिक्षक दिवस के मौके पर TET को ऑफलाइन मोड में भी आयोजित कराने की घोषणा की थी। इसके बाद स्कूल शिक्षा विभाग की ओर से ESB को ऑफलाइन परीक्षा कराने का प्रस्ताव भेजा गया।
हालांकि ESB ने विभाग को जवाब देते हुए बताया कि वह पिछले कई वर्षों से केवल ऑनलाइन परीक्षाएं आयोजित कर रहा है। ऑफलाइन परीक्षा कराने की पुरानी व्यवस्था अब उसके पास उपलब्ध नहीं है। इसलिए ESB ने ऑनलाइन के अलावा किसी अन्य मोड में TET कराने में असमर्थता जताई है।
अब दूसरी एजेंसी की तलाश में विभाग
ESB के इनकार के बाद स्कूल शिक्षा विभाग अब दूसरी एजेंसी के विकल्प पर विचार कर रहा है। लोक शिक्षण संचालनालय के आयुक्त अभिषेक सिंह के मुताबिक ESB फिलहाल केवल ऑनलाइन परीक्षा कराने के लिए तैयार है। ऐसे में अगर सरकार ऑफलाइन मोड में TET कराना चाहती है तो दूसरी परीक्षा एजेंसी की व्यवस्था करनी होगी।
नई एजेंसी का चयन शासन स्तर पर किया जाएगा। विभाग परीक्षा आयोजित कराने के लिए दूसरी एजेंसी के विकल्प के साथ-साथ TET से जुड़ी अन्य व्यवस्थाओं पर भी विचार कर रहा है।
CM के भोपाल लौटने के बाद हो सकता है फैसला
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के विदेश दौरे से लौटने के बाद इस मुद्दे पर स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है। उनके भोपाल लौटने के बाद स्कूल शिक्षा विभाग और स्कूल शिक्षा मंत्री के साथ चर्चा कर परीक्षा आयोजित कराने वाली एजेंसी पर फैसला लिया जा सकता है।
सरकार के सामने मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) के जरिए परीक्षा कराने का विकल्प भी मौजूद है। हालांकि MPPSC ने पहले शिक्षकों की पात्रता या भर्ती से जुड़ी इस तरह की परीक्षा आयोजित नहीं की है। आयोग मुख्य रूप से वरिष्ठ पदों से संबंधित प्रतियोगी परीक्षाएं आयोजित करता है। ऐसे में अंतिम फैसला मुख्यमंत्री और स्कूल शिक्षा मंत्री की चर्चा के बाद होने की संभावना है।
12 अक्टूबर की परीक्षा पर भी संकट
ESB की ओर से पहले TET परीक्षा 12 अक्टूबर से आयोजित करने की तैयारी की जा रही थी। लेकिन अब ऑफलाइन परीक्षा के लिए नई एजेंसी की तलाश शुरू होने के कारण इस तारीख पर भी संशय पैदा हो गया है।
नई एजेंसी तय होने के बाद परीक्षा की व्यवस्था, संसाधन और उपलब्ध तारीख को ध्यान में रखते हुए नई डेट घोषित की जा सकती है। ऐसे में परीक्षा अक्टूबर से आगे बढ़कर नवंबर या दिसंबर तक जाने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि इस संबंध में अभी सरकार की ओर से कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।
TET के लिए आवेदन की अंतिम तारीख फिलहाल 18 सितंबर तक बढ़ाई गई है। जो शिक्षक पहले ही आवेदन कर चुके हैं, उन्हें दोबारा आवेदन करने की जरूरत नहीं है। अब तक 12 हजार से ज्यादा शिक्षकों के आवेदन करने की जानकारी सामने आई है।
शिक्षकों ने परीक्षा केंद्र बढ़ाने की भी मांग की
शिक्षकों की मांग सिर्फ परीक्षा के ऑनलाइन या ऑफलाइन मोड तक सीमित नहीं है। परीक्षा केंद्रों की संख्या और उनके स्थान को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
फिलहाल भोपाल, इंदौर, जबलपुर, खंडवा, नीमच, रतलाम, रीवा, सागर, सतना, उज्जैन और सीधी में परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। वहीं सागर के अलावा चंबल और ग्वालियर क्षेत्र के कई जिलों को परीक्षा केंद्रों की सूची में जगह नहीं मिली है।
शिक्षकों का कहना है कि परीक्षा केंद्र जिला और ब्लॉक स्तर पर बनाए जाने चाहिए, ताकि उन्हें परीक्षा देने के लिए दूर-दराज के शहरों की यात्रा न करनी पड़े।
अब नई परीक्षा एजेंसी का चयन होने के बाद परीक्षा केंद्रों की संख्या बढ़ाने और पूरी व्यवस्था में बदलाव को लेकर भी निर्णय लिया जा सकता है। फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि TET ऑफलाइन होगी या ऑनलाइन और 12 अक्टूबर की तारीख बरकरार रहेगी या नहीं।