India Skills Report 2026: AI और डेटा स्किल्स की बढ़ी मांग, जानें युवाओं के लिए नौकरी पाने के सबसे जरूरी हुनर
भारत में नौकरी के अवसरों और कंपनियों की जरूरतों में तेजी से बदलाव हो रहा है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डेटा एनालिटिक्स, क्लाउड कंप्यूटिंग और साइबर सिक्योरिटी जैसी तकनीकों का इस्तेमाल बढ़ने से इन क्षेत्रों में कुशल युवाओं की मांग बढ़ रही है। वहीं, कंपनियां अब तकनीकी ज्ञान के साथ बेहतर संवाद, समस्या सुलझाने की क्षमता और नई परिस्थितियों के अनुसार खुद को ढालने जैसे गुणों को भी महत्व दे रही हैं।
इंडिया स्किल्स रिपोर्ट 2026 के अनुसार, देश के युवाओं की रोजगार क्षमता में भी सुधार दर्ज किया गया है। रिपोर्ट में भविष्य के रोजगार, नई तकनीकों और बदलते कामकाजी तरीकों से जुड़े कई अहम रुझानों पर प्रकाश डाला गया है।
युवाओं की रोजगार क्षमता में हुआ सुधार
रिपोर्ट के मुताबिक, भारत की कुल रोजगार क्षमता 2025 में 54.81 प्रतिशत थी, जो 2026 में बढ़कर 56.35 प्रतिशत हो गई। यह आंकड़ा रोजगार के लिए जरूरी कौशल और तैयारी में सुधार की ओर संकेत करता है।
हालांकि, रोजगार क्षमता बढ़ने का अर्थ यह नहीं है कि हर उम्मीदवार को नौकरी मिलना सुनिश्चित है। नौकरी पाने के लिए शैक्षणिक योग्यता, व्यावहारिक अनुभव, संबंधित क्षेत्र का ज्ञान और कंपनियों की जरूरतों के अनुसार कौशल विकसित करना भी जरूरी है।
AI और साइबर सिक्योरिटी में बढ़ रहे अवसर
रिपोर्ट में कई ऐसे तकनीकी क्षेत्रों का उल्लेख किया गया है, जिनके कौशल नौकरी के बाजार में महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।
- AI और मशीन लर्निंग: नेचुरल लैंग्वेज प्रोसेसिंग और डेटा से उपयोगी जानकारी निकालने की क्षमता।
- साइबर सिक्योरिटी: इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) की सुरक्षा, ब्लॉकचेन सिक्योरिटी और डेटा कंप्लायंस।
- क्लाउड कंप्यूटिंग: मल्टी-क्लाउड आर्किटेक्चर और AWS, Microsoft Azure तथा Google Cloud Platform जैसी तकनीकों का ज्ञान।
- सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट: Python, ReactJS, फुल स्टैक डेवलपमेंट और मोबाइल ऐप डेवलपमेंट।
- डेटा एनालिटिक्स: SQL, Power BI और Tableau जैसे टूल्स का इस्तेमाल।
इन क्षेत्रों में रुचि रखने वाले युवाओं के लिए संबंधित कोर्स, प्रोजेक्ट और इंटर्नशिप के जरिए व्यावहारिक अनुभव हासिल करना उपयोगी हो सकता है।
Fintech और हेल्थकेयर IT में भी मौके
तकनीकी कौशल की मांग केवल आईटी कंपनियों तक सीमित नहीं है। वित्तीय सेवाओं, स्वास्थ्य क्षेत्र और पर्यावरण से जुड़े कामों में भी डिजिटल तकनीकों का उपयोग बढ़ रहा है।
रिपोर्ट में फिनटेक और ब्लॉकचेन के अंतर्गत डिजिटल पेमेंट सॉल्यूशन तथा स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट्स का उल्लेख है। हेल्थकेयर आईटी में टेलीमेडिसिन प्लेटफॉर्म और डायग्नोस्टिक AI जैसे क्षेत्र शामिल हैं। वहीं, सस्टेनेबिलिटी के क्षेत्र में रिन्यूएबल एनर्जी और क्लाइमेट रिस्क से जुड़े कौशल महत्वपूर्ण हो रहे हैं।
2027 तक बढ़ सकता है AI टैलेंट बेस
रिपोर्ट में अनुमान जताया गया है कि भारत का AI टैलेंट बेस 2027 तक बढ़कर 12.5 लाख तक पहुंच सकता है। AI से जुड़े कामों का विस्तार कंपनियों में नई भूमिकाओं और विशेषज्ञता की जरूरत पैदा कर रहा है।
ऐसे में युवाओं के लिए केवल किसी एक टूल को सीखना पर्याप्त नहीं होगा। उन्हें अपने क्षेत्र की बुनियादी समझ, डेटा के साथ काम करने की क्षमता और नई तकनीकों को सीखते रहने की आदत भी विकसित करनी होगी।
कंपनियां भर्ती में भी कर रहीं AI का इस्तेमाल
भर्ती प्रक्रिया में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग भी बढ़ रहा है। रिपोर्ट में दिए गए आंकड़ों के अनुसार, लगभग 70 प्रतिशत आईटी कंपनियां भर्ती प्रक्रिया में AI का इस्तेमाल कर रही हैं। वहीं, बैंकिंग, वित्तीय सेवाओं और बीमा क्षेत्र की करीब 50 प्रतिशत कंपनियों ने हायरिंग के लिए AI टूल अपनाए हैं।
इन टूल्स का इस्तेमाल उम्मीदवारों की जानकारी व्यवस्थित करने, रिज्यूमे की शुरुआती छंटनी और भर्ती प्रक्रिया के कुछ चरणों को आसान बनाने के लिए किया जा सकता है। इसके बावजूद उम्मीदवारों के कौशल, अनुभव और इंटरव्यू प्रदर्शन का महत्व बना रहता है।
Remote Work और Freelancing का बढ़ता महत्व
रिपोर्ट में गिग वर्क, फ्रीलांसिंग, रिमोट वर्किंग, AI आधारित भूमिकाओं और उद्यमिता जैसे क्षेत्रों पर भी ध्यान दिया गया है। डिजिटल प्लेटफॉर्म के विस्तार से युवाओं के लिए पारंपरिक नौकरी के अलावा काम करने के दूसरे विकल्प भी सामने आ रहे हैं।
इन अवसरों के लिए तकनीकी कौशल के साथ समय प्रबंधन, टीम के साथ संवाद, समस्या समाधान और आत्मनिर्भर होकर काम करने की क्षमता जरूरी है।
युवाओं को अभी से क्या तैयारी करनी चाहिए?
बदलते जॉब मार्केट में बेहतर अवसर पाने के लिए युवाओं को अपने लक्ष्य के अनुसार कौशल विकसित करना चाहिए। तकनीकी क्षेत्र में जाने वालों के लिए Python, SQL, क्लाउड कंप्यूटिंग या साइबर सिक्योरिटी की बुनियादी ट्रेनिंग उपयोगी हो सकती है। वहीं, दूसरे क्षेत्रों में काम करने वाले उम्मीदवार डिजिटल साक्षरता, संचार कौशल और AI टूल्स के व्यावहारिक इस्तेमाल पर ध्यान दे सकते हैं।
कुल मिलाकर, इंडिया स्किल्स रिपोर्ट 2026 का संदेश है कि रोजगार के लिए तकनीकी ज्ञान और सॉफ्ट स्किल्स दोनों महत्वपूर्ण हैं। युवाओं को अपनी रुचि और करियर लक्ष्य के अनुसार सही कौशल चुनकर लगातार सीखते रहना चाहिए।