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Delhi Anganwadi Centres: किराए की इमारतों से MCD स्कूलों में शिफ्ट होंगे आंगनबाड़ी केंद्र, 2 साल में स्थायी भवन की तैयारी
 

 

दिल्ली में किराए की इमारतों में संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों को अब एमसीडी स्कूल परिसरों में स्थानांतरित करने की तैयारी शुरू हो गई है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि सरकार ने इस दिशा में प्रक्रिया शुरू कर दी है। योजना के तहत आंगनबाड़ी केंद्रों को स्कूल परिसरों में जगह मिलने से बच्चों और कार्यकर्ताओं को पहले से उपलब्ध बुनियादी सुविधाओं का लाभ मिल सकेगा।
सरकार का कहना है कि आने वाले दो वर्षों में इन केंद्रों को बेहतर और स्थायी भवनों में विकसित करने की दिशा में भी काम किया जाएगा।
MCD स्कूलों में मिलेंगी कई सुविधाएं
मुख्यमंत्री के मुताबिक, किराए की जगहों पर चल रहे आंगनबाड़ी केंद्रों को एमसीडी स्कूल परिसरों में स्थानांतरित करने से बच्चों के लिए सुविधाओं में सुधार होगा। स्कूल परिसरों में टॉयलेट, पार्क और खेलने की जगह जैसी सुविधाएं उपलब्ध हो सकती हैं।
इसके साथ ही आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के लिए भी पहले की तुलना में बेहतर कार्यस्थल उपलब्ध कराने की योजना है। सरकार ने किराए की इमारतों में काम कर रहे कर्मचारियों की ओर से उठाई गई समस्याओं को ध्यान में रखते हुए यह प्रक्रिया शुरू करने की बात कही है।
दिल्ली में 10 हजार से ज्यादा आंगनबाड़ी केंद्र
दिल्ली में करीब 10,870 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित होने की जानकारी दी गई है। वहीं, दिल्ली सरकार के आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 में 10,750 से अधिक केंद्रों के संचालन का उल्लेख मिलता है।
इन केंद्रों के जरिए बच्चों के पोषण और देखभाल से जुड़े कार्यों के अलावा गर्भवती महिलाओं तक सेवाएं पहुंचाने और विभिन्न सरकारी कार्यक्रमों को जमीनी स्तर पर लागू करने में भी मदद मिलती है।


मानदेय बढ़ाने का भी ऐलान
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के मानदेय में बढ़ोतरी करने की बात भी कही है। हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि मानदेय में कितनी वृद्धि होगी और इसे कब से लागू किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि लंबे समय से जमीनी स्तर पर काम कर रहे आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की समस्याओं को गंभीरता से लिया जाएगा और उनके कामकाजी माहौल में सुधार के प्रयास किए जाएंगे।
सभी विधानसभा क्षेत्रों में चलेगा सम्मान अभियान
सेवा संकल्प अभियान के तहत दिल्ली की सभी विधानसभा सीटों में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के सम्मान कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इस अभियान का उद्देश्य जमीनी स्तर पर काम करने वाले कर्मचारियों से सीधे संवाद करना और उनकी समस्याओं व सुझावों को समझना भी है।
अभियान में पालना केंद्रों से जुड़े कर्मचारियों को भी शामिल किया जाएगा। सरकार का कहना है कि इन कर्मचारियों से मिलने वाले सुझावों के आधार पर आवश्यक सुधार किए जाएंगे।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारियां
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता बच्चों की देखभाल और पोषण से जुड़े कार्यों के साथ कई अन्य जिम्मेदारियां भी निभाती हैं। इनमें गर्भवती महिलाओं तक पहुंचना, सर्वे करना, टीकाकरण अभियानों में सहयोग, आंकड़े तैयार करना और जरूरतमंद परिवारों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने में मदद करना शामिल है।
सरकार की प्रस्तावित योजना के तहत अब इन कार्यकर्ताओं को बेहतर कार्यस्थल और बच्चों के लिए अधिक सुविधाजनक वातावरण उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है।