3 लाख छात्रों को मिलेगा फायदा, बिहार में शुरू हुआ डिजिटल एजुकेशन का नया प्लेटफॉर्म
बिहार में स्कूली शिक्षा को डिजिटल बनाने की दिशा में नई पहल शुरू की गई है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए ‘बिहार विद्या साथी’ ऐप लॉन्च किया। इस डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए कक्षा 9वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों को पढ़ाई से जुड़ी सामग्री, लाइव शिक्षक सहायता और व्यक्तिगत मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाएगा। पहले चरण में इसका लाभ करीब 3 लाख छात्रों को मिलने की उम्मीद है।
28 जिलों के 700 स्कूलों से हुई शुरुआत
सरकार के मुताबिक, बिहार विद्या साथी ऐप की शुरुआत राज्य के 28 जिलों में स्थित 700 सरस्वती विद्या निकेतन मॉडल स्कूलों से की गई है। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को स्कूल की पढ़ाई के साथ डिजिटल माध्यम से अतिरिक्त शैक्षणिक सहायता उपलब्ध कराना है।
इस प्लेटफॉर्म को खासतौर पर उन छात्रों के लिए उपयोगी बनाया गया है, जिन्हें किसी विषय या कठिन टॉपिक को समझने में अतिरिक्त मदद की जरूरत होती है।
24 घंटे उपलब्ध रहेगा लाइव टीचर सपोर्ट
बिहार विद्या साथी की खासियत इसका लाइव शिक्षक सपोर्ट बताया जा रहा है। विद्यार्थी अपनी जरूरत के अनुसार शिक्षक का चयन कर सकेंगे और वन-टू-वन सेशन के जरिए अपने सवाल पूछ सकेंगे।
इससे छात्रों को पढ़ाई के दौरान आने वाली शंकाओं का समाधान पाने के लिए केवल स्कूल के समय पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। सरकार का लक्ष्य है कि विद्यार्थियों को जरूरत के समय अतिरिक्त शैक्षणिक सहायता मिल सके।
9वीं से 12वीं तक के छात्रों को मिलेगा फायदा
ऐप पर अलग-अलग कक्षाओं के विद्यार्थियों के लिए उनकी जरूरत के मुताबिक सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी।
कक्षा 9वीं और 10वीं के छात्रों को सभी प्रमुख विषयों की डिजिटल स्टडी सामग्री मिलेगी।
कक्षा 11वीं और 12वीं के विज्ञान वर्ग के विद्यार्थियों को लाइव ट्यूटर सपोर्ट के साथ अतिरिक्त शैक्षणिक सामग्री दी जाएगी।
बिहार बोर्ड के छात्रों को बोर्ड परीक्षा की तैयारी में भी डिजिटल मदद मिलेगी।
जेईई और नीट जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए भी स्टडी मटेरियल उपलब्ध कराया जाएगा।
75 हजार शिक्षकों का तैयार किया गया नेटवर्क
डिजिटल शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए करीब 75 हजार शिक्षकों का नेटवर्क तैयार किया गया है। ये शिक्षक विद्यार्थियों को व्यक्तिगत मार्गदर्शन देने और उनके सवालों का समाधान करने में मदद करेंगे।मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के मुताबिक, छात्र अपनी जरूरत और विषय के अनुसार शिक्षक का चुनाव कर सकेंगे। इससे कठिन विषयों और कॉन्सेप्ट को समझने में उन्हें व्यक्तिगत सहायता मिल सकेगी।
AI की मदद से समझेंगे कठिन कॉन्सेप्ट
ऐप में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित टूल्स भी शामिल किए गए हैं। इनके जरिए विद्यार्थियों को कठिन कॉन्सेप्ट समझने, अभ्यास करने और अपनी तैयारी को बेहतर बनाने में सहायता मिलेगी।
छात्र किसी टॉपिक को दोबारा समझने और बार-बार अभ्यास करने के लिए डिजिटल संसाधनों का इस्तेमाल कर सकेंगे। इससे उनकी सीखने की गति और विषयों पर पकड़ मजबूत करने में मदद मिल सकती है।
बोर्ड के साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में भी मदद
बिहार विद्या साथी को सिर्फ स्कूली पाठ्यक्रम तक सीमित नहीं रखा गया है। सरकार की योजना के तहत विद्यार्थियों को बोर्ड परीक्षाओं के साथ JEE और NEET जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए भी डिजिटल सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी।इस पहल से खासकर उन विद्यार्थियों को फायदा मिलने की उम्मीद है, जिन्हें स्कूल की पढ़ाई के अलावा अतिरिक्त शैक्षणिक मार्गदर्शन की जरूरत होती है।