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राजस्थान के 15 प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों में MBBS की 1,039 सीटें खाली, जानें क्या है वजह और कब मिलेगा आखिरी मौका

 

राजस्थान में NEET UG 2026 काउंसलिंग के राउंड पूरे होने के बाद भी कई मेडिकल कॉलेजों में MBBS की सीटें खाली रह गई हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, राज्य के 15 प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों में अब तक 1,039 सीटों पर एडमिशन नहीं हो पाया है। इन खाली सीटों को लेकर काउंसलिंग के नियमों पर सवाल उठ रहे हैं। वहीं, काउंसलिंग बोर्ड का कहना है कि पूरी प्रक्रिया सुप्रीम कोर्ट के आदेश और राज्य की आरक्षण नीति के अनुसार कराई गई है।इस साल राजस्थान में MBBS की कुल 7,533 सीटों में से करीब 86.2 प्रतिशत सीटें आवंटित हुई हैं। अब बची हुई सीटों को भरने के लिए स्ट्रे वैकेंसी राउंड आयोजित किए जाने की संभावना है।

राजस्थान में किस कैटेगरी की कितनी सीटें खाली?

राजस्थान के प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों में खाली पड़ी 1,039 MBBS सीटों में सबसे ज्यादा सीटें जनरल कैटेगरी की हैं। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, सीटों का विवरण इस प्रकार है:

  • जनरल कैटेगरी: 731 सीटें खाली

  • प्राइवेट मैनेजमेंट कैटेगरी: 308 सीटें खाली

  • कुल खाली सीटें: 1,039

इन सीटों के खाली रहने से मेडिकल कॉलेजों और काउंसलिंग बोर्ड के बीच विवाद की स्थिति बन गई है। अब सभी की नजर अगले काउंसलिंग राउंड पर है, जिसमें खाली सीटों को भरने का प्रयास किया जाएगा।

आखिर क्यों खाली रह गईं MBBS की इतनी सीटें?

खाली सीटों के पीछे काउंसलिंग के नियमों में बदलाव को प्रमुख वजह बताया जा रहा है। जानकारी के मुताबिक, तीसरे और अंतिम राउंड में दूसरे राज्यों के आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों को राजस्थान में राज्य के आरक्षण का लाभ नहीं दिया गया।इसी नियम को सीटें खाली रहने की एक वजह माना जा रहा है। हालांकि, काउंसलिंग बोर्ड का पक्ष है कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों और राजस्थान की आरक्षण नीति के तहत ही प्रक्रिया पूरी की गई है।इस मुद्दे पर प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों और काउंसलिंग बोर्ड के बीच मतभेद सामने आए हैं। अब देखना होगा कि खाली सीटों को भरने के लिए आगे क्या कदम उठाए जाते हैं।

15 अक्टूबर तक कॉलेज में रिपोर्ट करना जरूरी

NEET UG 2026 काउंसलिंग के अंतिम राउंड में जिन अभ्यर्थियों को मेडिकल कॉलेज आवंटित किया गया है, उन्हें निर्धारित समय सीमा के भीतर रिपोर्ट करना होगा।राजस्थान काउंसलिंग कमेटी की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, अभ्यर्थियों को 15 अक्टूबर तक अपने आवंटित कॉलेज में रिपोर्ट करके जॉइनिंग की प्रक्रिया पूरी करनी होगी।

छात्र काउंसलिंग पोर्टल पर जाकर अपना अलॉटमेंट लेटर डाउनलोड कर सकते हैं। तय समय पर कॉलेज में रिपोर्ट नहीं करने पर एडमिशन प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। इसलिए अभ्यर्थियों को जरूरी दस्तावेजों और रिपोर्टिंग से जुड़ी शर्तों की जानकारी आधिकारिक पोर्टल से जरूर लेनी चाहिए।

खाली सीटों के लिए होगा स्ट्रे वैकेंसी राउंड

तीसरे राउंड के बाद खाली रह गई MBBS सीटों को भरने के लिए स्ट्रे वैकेंसी राउंड आयोजित किया जा सकता है। इस राउंड का उद्देश्य उन सीटों पर योग्य अभ्यर्थियों को प्रवेश देना है, जो पहले के राउंड के बाद भी खाली रह गई हैं।जिन छात्रों को पहले की काउंसलिंग में सीट नहीं मिल पाई है, उनके लिए यह एक और अवसर हो सकता है। हालांकि, पात्रता, रजिस्ट्रेशन, विकल्प भरने और सीट स्वीकार करने से जुड़े नियमों को ध्यान से पढ़ना जरूरी है।कुछ परिस्थितियों में आवंटित सीट स्वीकार नहीं करने पर जुर्माना या अन्य कार्रवाई का प्रावधान हो सकता है। इसलिए अभ्यर्थियों को स्ट्रे वैकेंसी राउंड में भाग लेने से पहले आधिकारिक नियमों की पुष्टि करनी चाहिए।

छात्रों को अब क्या करना चाहिए?

राजस्थान में MBBS में एडमिशन की उम्मीद कर रहे अभ्यर्थियों को काउंसलिंग से जुड़े आधिकारिक नोटिस पर नजर रखनी चाहिए। खासतौर पर स्ट्रे वैकेंसी राउंड की तारीख, पात्रता और खाली सीटों की सूची जारी होने पर उसे ध्यान से देखना चाहिए।