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उदयपुर की मनस्वी अग्रवाल ने अकोन्कागुआ पर तिरंगा फहराकर राजस्थान का नाम रौशन किया

 

राजस्थान की बेटी और होनहार पर्वतारोही मनस्वी अग्रवाल ने एक बार फिर इतिहास रच दिया है। 21 जनवरी 2026 को उन्होंने दक्षिणी अमेरिका महाद्वीप की एंडीज पर्वत श्रृंखला में स्थित विश्व की अत्यंत चुनौतीपूर्ण चोटी अकोन्कागुआ (लगभग 7000 मीटर या 23,000 फीट) पर भारतीय तिरंगा फहराया। इस चुनौतीपूर्ण अभियान में तापमान माइनस 30 डिग्री (-30°C) तक गिरा हुआ था।

मनस्वी अग्रवाल की यह उपलब्धि न केवल उनके व्यक्तिगत साहस और दृढ़ संकल्प का परिचायक है, बल्कि राजस्थान और पूरे देश के लिए गर्व और प्रेरणा का स्रोत भी है। उपलब्धि के साथ ही वह राजस्थान की अर्ध सैनिक बल में कार्यरत पर्वतारोही गीता सामोता के बाद अकोन्कागुआ शिखर पर पहुंचने वाली राज्य की दूसरी महिला बन गई हैं।

मनस्वी ने अपने सफर की शुरुआत कई महीनों की कठिन तैयारी के बाद की थी। इस चुनौतीपूर्ण पर्वतारोहण में सामरिक प्रशिक्षण, उच्च ऊंचाई पर प्रशिक्षण और कठिन मौसम परिस्थितियों का सामना करना शामिल था। मनस्वी ने बताया कि अकोन्कागुआ की चढ़ाई शारीरिक और मानसिक दृष्टि से बेहद चुनौतीपूर्ण थी। उन्हें तेज ठंडी हवाओं, बर्फीली सतह और कम ऑक्सीजन जैसी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।

मनस्वी अग्रवाल ने बताया कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य न केवल व्यक्तिगत उपलब्धि हासिल करना था, बल्कि भारत और राजस्थान का नाम विश्व स्तर पर रौशन करना भी था। उन्होंने कहा, “अकोन्कागुआ की चोटी पर तिरंगा फहराना मेरे लिए गर्व और सम्मान की बात है। यह मेरी मेहनत, प्रशिक्षण और साहस का परिणाम है।”

स्थानीय स्तर पर मनस्वी की इस उपलब्धि का पूरे उदयपुर और राजस्थान में गौरव के साथ स्वागत किया गया। उनके परिवार, मित्र और प्रशिक्षण संस्थान ने उन्हें फूलों और बधाई संदेशों के साथ सम्मानित किया। शिक्षा और खेल संगठनों ने भी उनके साहस और प्रेरणा को युवाओं के लिए उदाहरण बताया।

विशेषज्ञों का कहना है कि अकोन्कागुआ जैसी चुनौतीपूर्ण पर्वत चोटी पर चढ़ाई करने के लिए अत्यधिक सहनशीलता, सहनशक्ति और मानसिक दृढ़ता की आवश्यकता होती है। मनस्वी अग्रवाल की सफलता यह संदेश देती है कि महिलाएं भी किसी भी कठिन चुनौती को पार कर सकती हैं और देश का नाम रोशन कर सकती हैं।

राजस्थान के पर्वतारोहण संघ और अर्धसैनिक बल के अधिकारियों ने मनस्वी की उपलब्धि को राज्य और देश के लिए प्रेरणास्रोत बताया। उन्होंने कहा कि यह सफलता युवा महिलाओं को भी खेल, साहसिक गतिविधियों और चुनौतीपूर्ण पेशों में कदम रखने के लिए प्रेरित करेगी।

मनस्वी की इस उपलब्धि ने यह साबित कर दिया है कि सपनों की ऊँचाई कोई सीमा नहीं जानती। कठिन परिश्रम, प्रशिक्षण और दृढ़ इच्छाशक्ति के साथ कोई भी चुनौती असंभव नहीं है। अकोन्कागुआ की चोटी पर तिरंगा फहराकर उन्होंने न केवल राजस्थान का नाम रौशन किया है, बल्कि लाखों युवाओं के लिए साहस और प्रेरणा का उदाहरण भी कायम किया है।