उदयपुर सेंट्रल जेल में कैदियों तक तंबाकू पहुंचाने का आरोप, दो जेलकर्मियों के खिलाफ केस दर्ज
जस्थान के उदयपुर सेंट्रल जेल में कैदियों के लिए प्रतिबंधित सामग्री पहुंचाने का मामला सामने आया है। जेल के अंदर तंबाकू ले जाने और साक्ष्य मिटाने के आरोप में दो जेलकर्मियों के खिलाफ सूरजपोल थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोपियों की पहचान जेल प्रहरी पंकज कुमार और राजस्थान सशस्त्र कांस्टेबुलरी (आरएसी) के हेड कॉन्स्टेबल गिरधारी सिंह के रूप में हुई है। मामले के सामने आने के बाद जेल की सुरक्षा व्यवस्था और प्रतिबंधित सामग्री की निगरानी को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं।
दो जेलकर्मियों के खिलाफ दर्ज हुआ मुकदमा
मिली जानकारी के अनुसार, उदयपुर सेंट्रल जेल में कैदियों के लिए प्रतिबंधित सामग्री तंबाकू ले जाने के मामले में जेल के दो कर्मचारियों पर आरोप लगे हैं। इस मामले में जेल प्रहरी पंकज कुमार और आरएसी के हेड कॉन्स्टेबल गिरधारी सिंह के खिलाफ सूरजपोल थाने में केस दर्ज कराया गया है।
आरोप है कि दोनों जेलकर्मियों की भूमिका जेल के भीतर प्रतिबंधित सामग्री पहुंचाने से जुड़ी है। इसके साथ ही मामले में साक्ष्य मिटाने का आरोप भी लगाया गया है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई है।
जेल में प्रतिबंधित सामग्री पहुंचने पर उठे सवाल
जेलों में सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए कैदियों तक प्रतिबंधित वस्तुएं पहुंचने से रोकने के विशेष इंतजाम किए जाते हैं। जेल परिसर में आने-जाने वाले कर्मचारियों और अन्य लोगों की निगरानी भी इसी व्यवस्था का हिस्सा होती है। ऐसे में जेलकर्मियों पर ही प्रतिबंधित सामग्री अंदर पहुंचाने के आरोप लगना गंभीर मामला माना जा रहा है।
तंबाकू जैसी प्रतिबंधित सामग्री जेल के भीतर कैसे पहुंची और इस मामले में किन परिस्थितियों में कथित घटना हुई, यह जांच का विषय है। पुलिस जांच के दौरान संबंधित तथ्यों, उपलब्ध साक्ष्यों और आरोपों की पड़ताल की जाएगी। साथ ही यह भी स्पष्ट होना बाकी है कि कथित घटना में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका थी या नहीं।
साक्ष्य मिटाने के आरोप की भी जांच
इस मामले में केवल प्रतिबंधित सामग्री ले जाने का आरोप ही नहीं है, बल्कि साक्ष्य मिटाने का आरोप भी लगाया गया है। ऐसे में जांच के दौरान पुलिस के लिए यह पता लगाना महत्वपूर्ण होगा कि कथित घटना से संबंधित साक्ष्य क्या थे और उन्हें मिटाने की कोशिश किस तरह किए जाने का आरोप है।
हालांकि, अभी उपलब्ध जानकारी में यह स्पष्ट नहीं है कि तंबाकू किस कैदी के लिए ले जाया जा रहा था, कितनी मात्रा में सामग्री बरामद हुई या किसी विभागीय कार्रवाई की गई है या नहीं। इन बिंदुओं पर आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद मामले की स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।
फिलहाल, उदयपुर सेंट्रल जेल में प्रतिबंधित सामग्री ले जाने और साक्ष्य मिटाने के आरोप में दो जेलकर्मियों के खिलाफ सूरजपोल थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस जांच के बाद ही आरोपों की वास्तविकता और मामले में दोनों कर्मचारियों की भूमिका स्पष्ट होगी।