उदयपुर में IVF सेंटरों पर सख्ती, राज्य स्तर पर नोडल टीम गठित कर शुरू हुई जांच
राज्य में एआरटी (Assisted Reproductive Technology) और सरोगेसी से जुड़े मामलों पर निगरानी बढ़ाते हुए प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। राज्य स्तर पर एआरटी एवं सरोगेसी के नोडल अधिकारी की अध्यक्षता में एक विशेष टीम का गठन किया गया है।
Udaipur जिले में पंजीकृत सभी IVF सेंटर्स की गहन जांच के लिए तीन अलग-अलग निरीक्षण टीमों का गठन किया गया है। इन टीमों को औचक निरीक्षण कर सेंटरों की कार्यप्रणाली, रिकॉर्ड और नियमों के अनुपालन की जांच करने के निर्देश दिए गए हैं।
Assisted Reproductive Technology और सरोगेसी से जुड़े नियमों के तहत यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि सभी केंद्र निर्धारित मानकों का पालन कर रहे हैं या नहीं। जांच का मुख्य उद्देश्य किसी भी प्रकार की अनियमितता, अवैध गतिविधि या नियमों के उल्लंघन को रोकना है।
अधिकारियों के अनुसार, निरीक्षण टीमों ने विभिन्न IVF केंद्रों का दौरा शुरू कर दिया है और वहां मरीजों के रिकॉर्ड, लाइसेंस, उपचार प्रक्रियाओं और प्रयोगशाला सुविधाओं की जांच की जा रही है।
सरकारी सूत्रों का कहना है कि यह कार्रवाई स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता बनाए रखने और मरीजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जरूरी है। यदि किसी भी केंद्र में नियमों का उल्लंघन पाया जाता है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।