उदयपुर में वैज्ञानिक खोजेंगे दुर्लभ खनिज, अरावली की सुरक्षा के साथ निकाला जाएगा गोल्ड
उदयपुर जिले में वैज्ञानिकों की एक टीम दुर्लभ खनिजों (रेयर मिनरल्स) के भंडार का अध्ययन और खोज करने के लिए सक्रिय होने जा रही है। इस परियोजना में विशेष ध्यान अरावली पहाड़ की सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण पर दिया जाएगा। अधिकारियों ने बताया कि शोध और खनिज निकासी में संतुलन बनाए रखते हुए आर्थिक और पर्यावरणीय दृष्टि दोनों को ध्यान में रखा जाएगा।
राजस्थान सरकार और केंद्र के खनिज एवं भू-विज्ञान विभाग ने इस परियोजना के लिए योजना तैयार की है। इसके तहत विशेषज्ञ भू-वैज्ञानिक और पर्यावरण विशेषज्ञों की टीम बनाएंगे, जो अरावली पर्वत श्रृंखला के संवेदनशील क्षेत्रों में खनिजों का सर्वेक्षण करेंगे। मुख्य लक्ष्य है राज्य में मौजूद गोल्ड और अन्य दुर्लभ खनिजों का पता लगाना और उनकी सुरक्षित तरीके से निकासी करना।
वहीं अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि परियोजना में पर्यावरणीय नियमों और वन कानूनों का कड़ाई से पालन किया जाएगा। वैज्ञानिक ऐसे तरीके अपनाएंगे जिससे प्राकृतिक संसाधनों और पारिस्थितिकी पर न्यूनतम असर पड़े। अनुसंधान टीम की तकनीक में ड्रोन सर्वेक्षण, उपग्रह डेटा और भूमि सर्वेक्षण शामिल हैं।
खान और भू-विज्ञान विभाग के सूत्रों के अनुसार, अरावली पर्वत श्रृंखला में अनेक दुर्लभ खनिज मौजूद हैं, जिनमें सोना, तांबा, और अन्य तकनीकी खनिज शामिल हैं। ये खनिज न केवल उद्योग और आर्थिक विकास के लिए महत्वपूर्ण हैं, बल्कि राज्य के खनिज भंडार को बढ़ाने में भी मदद करेंगे।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह परियोजना उद्योग, रोजगार और आर्थिक विकास के दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण है। शोध से पता चलेगा कि किन क्षेत्रों में खनिज निकासी सुरक्षित और व्यावहारिक है। वहीं पर्यावरणविदों का कहना है कि अरावली पहाड़ की जैव विविधता और जल स्रोतों को सुरक्षित रखना इस परियोजना की सफलता के लिए आवश्यक है।
स्थानीय प्रशासन ने परियोजना के लिए जनता और ग्रामीण समुदायों के सहयोग की भी अपील की है। अधिकारियों ने कहा कि स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर और प्रशिक्षण दिया जाएगा ताकि वे खनिज सर्वेक्षण और तकनीकी कार्यों में भाग ले सकें।
राजस्थान सरकार का कहना है कि परियोजना में पारदर्शिता और सुरक्षा सर्वोपरि है। वैज्ञानिक अनुसंधान और खनिज निकासी के दौरान किसी भी अवैध खनन या पर्यावरणीय क्षति की अनुमति नहीं दी जाएगी।