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विधानसभा में जल जीवन मिशन के अधूरे कार्यों पर उठा सवाल, वीडियो में देंखे उदयपुर ग्रामीण विधायक ने सरकार से मांगा जवाब

 

राजस्थान विधानसभा में जल जीवन मिशन के तहत अधूरे पड़े कार्यों को लेकर सवाल उठाए गए। उदयपुर ग्रामीण क्षेत्र के विधायक फूल सिंह मीणा ने पर्ची के माध्यम से यह मुद्दा उठाते हुए कहा कि कई क्षेत्रों में योजना के काम अब तक पूरे नहीं हो पाए हैं, जिससे ग्रामीणों को पेयजल सुविधा का लाभ नहीं मिल रहा है।

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विधायक फूल सिंह मीणा ने विशेष रूप से गिर्वा क्षेत्र की तीतरड़ी ग्राम पंचायत का उदाहरण देते हुए सरकार का ध्यान इस समस्या की ओर दिलाया। उन्होंने कहा कि तीतरड़ी क्षेत्र में पानी की टंकी का मुहूर्त तो कर दिया गया, लेकिन आज तक वहां के लोगों को पानी उपलब्ध नहीं हो पाया है। उन्होंने सरकार से योजना की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने और जल्द समाधान कराने की मांग की।

विधानसभा में अपनी बात रखते हुए विधायक ने कहा कि जल जीवन मिशन के तहत पूर्व सरकार के समय वर्ष 2021 में टेंडर जारी किए गए थे, जिन्हें 2024 तक पूरा होना था। हालांकि, निर्धारित समय सीमा गुजर जाने के बावजूद कई स्थानों पर काम अब तक अधूरा पड़ा है।

उन्होंने बताया कि तीतरड़ी ग्राम पंचायत में पानी की टंकी का निर्माण शुरू किया गया था, लेकिन निर्माण कार्य के दौरान वहां हार्ड रॉक (कठोर चट्टान) मिलने के कारण काम बीच में ही रोक दिया गया। इसके बाद परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई।

विधायक ने कहा कि उन्होंने संबंधित अधिकारियों को सुझाव दिया था कि यदि पिलर पर टंकी बनाना संभव नहीं है तो प्लेटफॉर्म पर टंकी का निर्माण कर दिया जाए, ताकि योजना को जल्द पूरा किया जा सके और लोगों को पानी मिल सके। लेकिन उनके इस सुझाव पर भी अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।

फूल सिंह मीणा ने कहा कि जल जीवन मिशन का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में हर घर तक नल के माध्यम से स्वच्छ पेयजल पहुंचाना है, लेकिन कई स्थानों पर कार्य अधूरा रहने के कारण लोगों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने सरकार से मांग की कि अधूरे पड़े सभी कार्यों की समीक्षा कर उन्हें जल्द पूरा कराया जाए।

विधानसभा में उठे इस मुद्दे के बाद जल जीवन मिशन के कार्यों की प्रगति और उनकी निगरानी को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि समय पर परियोजनाओं को पूरा नहीं किया गया तो ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल की समस्या बनी रह सकती है।

विधायक ने सरकार से यह भी आग्रह किया कि जिन परियोजनाओं में तकनीकी समस्याएं आ रही हैं, उनके लिए वैकल्पिक समाधान निकाले जाएं, ताकि योजना का लाभ समय पर आम लोगों तक पहुंच सके।

जल जीवन मिशन को केंद्र और राज्य सरकार की महत्वपूर्ण योजनाओं में से एक माना जाता है, जिसका उद्देश्य देश के ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षित पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करना है। ऐसे में विधानसभा में उठे इस मुद्दे ने योजना के क्रियान्वयन और निगरानी को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।