उदयपुर में डिजिटल चालान पर सवाल, वीडियो में जाने पार्किंग में खड़ी गाड़ी का चित्तौड़गढ़ में ओवरस्पीडिंग चालान बना
राजस्थान के उदयपुर में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसमें एक बिजनेसमैन के बेटे की गाड़ी के नाम पर ऐसा ट्रैफिक चालान जारी हुआ है, जिसने सिस्टम की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।जानकारी के अनुसार, संबंधित वाहन को रात में एक शादी समारोह से लौटने के बाद घर की पार्किंग में खड़ा किया गया था। वाहन मालिक का कहना है कि सुबह 11 बजे तक गाड़ी घर से बाहर नहीं निकली थी, इसके बावजूद उनके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर एक मैसेज प्राप्त हुआ जिसमें बताया गया कि उनकी गाड़ी ने ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन किया है।
मैसेज में दिए गए लिंक के माध्यम से जब उन्होंने चालान की डिटेल देखी तो उसमें उल्लेख था कि वाहन ने सुबह करीब 8 बजकर 40 मिनट पर चित्तौड़गढ़ में ओवरस्पीडिंग की है। हैरानी की बात यह रही कि यह चालान चित्तौड़गढ़ एसपी कार्यालय की ओर से जारी किया गया था और इसमें 1,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।वाहन मालिक का कहना है कि जिस समय का चालान बताया जा रहा है, उस समय गाड़ी उनके घर की पार्किंग में खड़ी थी और किसी भी तरह बाहर नहीं गई थी। इस घटना के बाद उन्होंने इसे तकनीकी गलती या सिस्टम एरर बताते हुए जांच की मांग की है।
मामला सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर भी यह चर्चा का विषय बन गया है और लोग डिजिटल ट्रैफिक चालान प्रणाली की सटीकता पर सवाल उठा रहे हैं। फिलहाल संबंधित विभाग की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी गई है, लेकिन उम्मीद की जा रही है कि तकनीकी जांच के बाद स्थिति स्पष्ट की जाएगी। यह मामला एक बार फिर ई-चालान सिस्टम की विश्वसनीयता और निगरानी व्यवस्था पर बहस को जन्म दे रहा है।