उदयपुर में अधिकृत स्क्रैप सेंटर नहीं, वाहन मालिकों को नहीं मिल रहे स्क्रैप पॉलिसी के लाभ
शहर में सरकारी पंजीकृत स्क्रैप सेंटर नहीं होने के कारण वाहन मालिकों को अपनी पुरानी गाड़ियां कबाड़ में बेचने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। इससे लोगों को केंद्र सरकार की वाहन स्क्रैप पॉलिसी के तहत मिलने वाले लाभ नहीं मिल पा रहे हैं।
जानकारी के अनुसार, अधिकृत स्क्रैप सेंटर की अनुपलब्धता के चलते वाहन मालिकों को अपनी पुरानी या अनुपयोगी गाड़ियों का उचित मूल्य नहीं मिल रहा। साथ ही उन्हें टैक्स में मिलने वाली छूट और अन्य सरकारी सुविधाओं से भी वंचित रहना पड़ रहा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि अधिकृत स्क्रैप सेंटर होने से पुराने वाहनों का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण किया जा सकता है, जिससे पर्यावरण संरक्षण में भी मदद मिलती है। लेकिन फिलहाल उदयपुर में ऐसी सुविधा उपलब्ध नहीं होने से लोग अनियमित कबाड़ी बाजारों पर निर्भर हैं।
Regional Transport Office Udaipur के अधिकारियों के अनुसार, शहर में जल्द ही अधिकृत स्क्रैप सेंटर शुरू करने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए आवश्यक प्रक्रियाएं और अनुमतियां पूरी की जा रही हैं।
आरटीओ अधिकारियों का कहना है कि स्क्रैप सेंटर शुरू होने के बाद वाहन मालिकों को पुराने वाहनों के बदले उचित मूल्य, नए वाहन खरीदने पर टैक्स छूट और अन्य लाभ मिल सकेंगे। साथ ही अवैध रूप से वाहनों के निस्तारण पर भी रोक लगेगी।
स्थानीय वाहन मालिकों ने भी मांग की है कि शहर में जल्द अधिकृत स्क्रैपिंग सुविधा शुरू की जाए ताकि उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सके।
फिलहाल लोग स्क्रैप पॉलिसी के पूर्ण लाभ मिलने का इंतजार कर रहे हैं और प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर नजर बनाए हुए हैं।