×

मेवाड़-वागड़ में रेल नेटवर्क का विस्तार, फुटेज में जानें नई लाइनों और दोहरीकरण से बढ़ेगी कनेक्टिविटी

 

राजस्थान के मेवाड़ और वागड़ क्षेत्र में रेल सुविधाओं को लेकर बड़ा बदलाव देखने को मिलने वाला है। क्षेत्र की वर्षों पुरानी मांगों को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार ने कई अहम रेल परियोजनाओं पर काम तेज कर दिया है, जिससे आने वाले समय में कनेक्टिविटी और विकास दोनों को गति मिलेगी।

<a style="border: 0px; overflow: hidden" href=https://youtube.com/embed/6sYQLE9hTeU?autoplay=1&mute=1><img src=https://img.youtube.com/vi/6sYQLE9hTeU/hqdefault.jpg alt=""><span><div class="youtube_play"></div></span></a>" style="border: 0px; overflow: hidden;" width="640">

चित्तौड़गढ़ सांसद सीपी जोशी द्वारा लोकसभा में पूछे गए सवालों के जवाब में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इन परियोजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि उदयपुर, चित्तौड़गढ़, प्रतापगढ़ सहित आसपास के कई जिलों में नई रेल लाइनें बिछाने, मौजूदा ट्रैक के दोहरीकरण और गेज कन्वर्जन के बड़े प्रोजेक्ट्स पर काम किया जा रहा है।

रेल मंत्री के अनुसार, केंद्र सरकार ने नीमच-कोटा और मंदसौर-बांसवाड़ा जैसी महत्वपूर्ण रेल लाइनों के लिए सर्वे को मंजूरी दे दी है। इन परियोजनाओं के पूरा होने से क्षेत्रीय कनेक्टिविटी में बड़ा सुधार होगा और यात्रियों के साथ-साथ माल परिवहन को भी सुविधा मिलेगी। इसके अलावा, नीमच-बड़ीसादड़ी और मावली-देवगढ़ रेल परियोजनाओं पर तेजी से काम जारी है। इन प्रोजेक्ट्स को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाया जा रहा है, ताकि जल्द से जल्द इन्हें पूरा कर क्षेत्र को इसका लाभ मिल सके।

विशेषज्ञों का मानना है कि इन रेल परियोजनाओं के शुरू होने से मेवाड़ और वागड़ क्षेत्र में औद्योगिक विकास को बढ़ावा मिलेगा। बेहतर रेल कनेक्टिविटी से व्यापार और परिवहन आसान होगा, जिससे स्थानीय उद्योगों को नई गति मिलेगी। इसके साथ ही पर्यटन क्षेत्र को भी बड़ा फायदा मिलने की उम्मीद है। उदयपुर और आसपास के ऐतिहासिक स्थलों तक पहुंच आसान होने से पर्यटकों की संख्या बढ़ सकती है, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

रोजगार के लिहाज से भी ये परियोजनाएं महत्वपूर्ण साबित होंगी। निर्माण कार्य के दौरान जहां स्थानीय लोगों को रोजगार मिलेगा, वहीं परियोजनाएं पूरी होने के बाद भी नए अवसर पैदा होंगे। केंद्र सरकार की ये पहल मेवाड़ और वागड़ क्षेत्र के समग्र विकास के लिए एक अहम कदम मानी जा रही है, जिससे आने वाले वर्षों में इस क्षेत्र की तस्वीर बदल सकती है।