विद्या प्रचारिणी सभा में विवाद गहराया, वीडियो में देखें एडहॉक कमेटी और पदाधिकारियों में टकराव
उदयपुर की प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्था विद्या प्रचारिणी सभा में एडहॉक कमेटी और वर्तमान पदाधिकारियों के बीच चल रहा विवाद अब खुलकर सामने आ गया है। दोनों पक्षों के बीच बढ़ते मतभेद के चलते संस्था का माहौल तनावपूर्ण हो गया है।
इसी बीच विधायक सुरेन्द्र सिंह राठौड़ ने मामले पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह राजतंत्र नहीं बल्कि लोकतंत्र है। उन्होंने कहा कि कोई कितना भी बड़ा व्यक्ति क्यों न हो, उसे लोकतांत्रिक व्यवस्था के अनुसार ही काम करना होगा। उनके अनुसार अब किसी भी तरह के एकतरफा आदेशों का पालन संभव नहीं है, जिससे विवाद और गहरा गया है।
दरअसल, यह पूरा मामला विद्या प्रचारिणी सभा के चेयरमैन की ओर से गठित एडहॉक कमेटी और वर्तमान प्रबंधन के बीच अधिकारों को लेकर चल रहे मतभेद से जुड़ा है। एडहॉक कमेटी के गठन के बाद से ही दोनों पक्ष एक-दूसरे के फैसलों को लेकर आमने-सामने हैं।
वहीं चित्तौड़गढ़ के पूर्व जिला प्रमुख और सभा सदस्य भेरू सिंह चौहान ने भी इस विवाद पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि सभा के पदेन अध्यक्ष, जो कि नाथद्वारा विधायक विश्वराजसिंह मेवाड़ हैं, ने वर्तमान सभा को खारिज कर एडहॉक कमेटी का गठन किया है, जबकि उनके अनुसार उन्हें ऐसा करने का अधिकार नहीं है।
चौहान ने आगे कहा कि संबंधित व्यक्ति संस्था के कानूनी सदस्य भी नहीं हैं, लेकिन मर्यादा के कारण अब तक स्थिति को सहन किया गया है। इस बयान के बाद संस्था के भीतर मतभेद और अधिक स्पष्ट हो गए हैं।
फिलहाल पूरे मामले में दोनों पक्ष अपने-अपने दावों पर कायम हैं, जिससे संस्था में प्रशासनिक अस्थिरता की स्थिति बनी हुई है। जानकारों का कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं निकला तो मामला और भी आगे बढ़ सकता है।