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ट्रैफिक जाम में फंसी इंसानियत! सीने में दर्द से तड़पते पिता को अस्पताल ले जाते समय पुलिस ने रोका, इलाज में देरी से मौत का दावा, वीडियो वायरल

 

राजस्थान के Tonk जिले से एक बेहद संवेदनशील मामला सामने आया है, जिसमें एक युवक ने आरोप लगाया है कि उसके बीमार पिता को समय पर अस्पताल नहीं पहुंच पाने के कारण जान गंवानी पड़ी। मामले में पुलिस पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए जा रहे हैं।पीड़ित महावीर यादव का कहना है कि उनके पिता को अचानक सीने में तेज दर्द उठा था, जिसके बाद वे उन्हें तुरंत अस्पताल ले जा रहे थे। इसी दौरान रास्ते में, करीब एक किलोमीटर पहले पुलिस ने उन्हें रोक लिया। आरोप है कि बाइक पर हेलमेट नहीं होने के कारण पुलिसकर्मियों ने चालान की प्रक्रिया शुरू कर दी।

महावीर यादव के अनुसार, उन्होंने पुलिस से बार-बार अनुरोध किया कि यह एक मेडिकल इमरजेंसी है और उनके पिता की हालत गंभीर है। उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस गाड़ी का नंबर नोट कर ले और बाद में चालान भेज दे, लेकिन मौके पर मौजूद पुलिसकर्मी नहीं माने।आरोप है कि इस दौरान पुलिस ने उन्हें काफी देर तक रोके रखा और दस्तावेजी कार्रवाई जारी रखी। युवक का दावा है कि लगभग एक घंटे की देरी के बाद 100 रुपये का चालान काटा गया, जिसके बाद उन्हें जाने दिया गया।

परिजनों का कहना है कि इस देरी के चलते वे समय पर अस्पताल नहीं पहुंच पाए और मरीज की हालत लगातार बिगड़ती चली गई। अस्पताल पहुंचने के बाद डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।घटना के बाद परिवार ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं और कहा है कि यदि समय पर रास्ता दिया जाता तो शायद जान बचाई जा सकती थी। वहीं, यह मामला सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है और लोग इस पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।

Rajasthan Police की ओर से इस मामले पर अभी तक कोई विस्तृत आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। हालांकि, स्थानीय स्तर पर मामले की जानकारी जुटाई जा रही है और पूरे घटनाक्रम की जांच की बात कही जा रही है। यह मामला अब सड़क सुरक्षा नियमों और मानवीय संवेदनाओं के बीच संतुलन को लेकर बहस का विषय बन गया है। एक तरफ नियमों के पालन की आवश्यकता बताई जा रही है, वहीं दूसरी तरफ आपात स्थिति में मानवीय दृष्टिकोण अपनाने की मांग भी उठ रही है।