SDM थप्पड़कांड: नरेश मीणा की जमानत रद्द, कोर्ट ने गिरफ्तारी वारंट जारी करने के दिए निर्देश; वीडियो में देंखे फैसले पर बोले- 'कानूनी लड़ाई जारी रहेगी'
राजस्थान के चर्चित SDM थप्पड़कांड मामले में आरोपी नरेश मीणा को बड़ा झटका लगा है। टोंक की एससी-एसटी कोर्ट ने इस मामले में राजस्थान हाईकोर्ट से मिली उनकी जमानत सोमवार को रद्द कर दी। अदालत ने माना कि हाईकोर्ट ने उन्हें सशर्त जमानत दी थी, लेकिन जेल से रिहा होने के बाद उन्होंने जमानत की शर्तों का पालन नहीं किया। कोर्ट के आदेश के बाद अब उनकी गिरफ्तारी के लिए वारंट जारी किया जाएगा।यह फैसला एससी-एसटी कोर्ट की न्यायाधीश आरती माहेश्वरी ने सुनाया। अदालत ने कहा कि जमानत की शर्तों के उल्लंघन के कारण राहत जारी नहीं रखी जा सकती।
दरअसल, हाल ही में झालावाड़ स्कूल हादसे में सात बच्चों की मौत के बाद नरेश मीणा धरने पर बैठ गए थे। इस दौरान पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया था। इसी घटना को आधार बनाते हुए नगरफोर्ट थाना पुलिस ने अदालत में उनकी जमानत निरस्त करने के लिए आवेदन प्रस्तुत किया था। अदालत ने पुलिस की दलीलों पर सुनवाई के बाद हाईकोर्ट से मिली जमानत को रद्द करने का फैसला सुनाया।
फैसले के बाद नरेश मीणा ने कहा कि वह अदालत के निर्णय का सम्मान करते हैं। उन्होंने कहा, "फैसले की प्रति मिलने के बाद आगे की कानूनी प्रक्रिया अपनाई जाएगी।" साथ ही उन्होंने इस कार्रवाई को राजनीतिक बताते हुए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर भी निशाना साधा।नरेश मीणा ने आरोप लगाया, "अगर मैं बीजेपी जॉइन कर लेता तो सब ठीक हो जाता। बड़े-बड़े गुनाह करने वाले लोग बीजेपी में शामिल होने के बाद पाक-साफ हो जाते हैं।" उन्होंने कहा कि वह जनता के अधिकारों के लिए कानून के दायरे में रहकर संघर्ष कर रहे हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को स्वीकार नहीं है।
वहीं, इस मामले पर भाजपा की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। नरेश मीणा के आरोप उनके राजनीतिक बयान हैं, जिन पर संबंधित पक्ष का पक्ष आना बाकी है। अब अदालत के आदेश के अनुसार गिरफ्तारी वारंट जारी होने के बाद पुलिस आगे की कानूनी कार्रवाई करेगी। मामले को लेकर प्रदेश की राजनीति भी एक बार फिर गरमा सकती है, क्योंकि नरेश मीणा पहले भी कई आंदोलनों और विवादों को लेकर सुर्खियों में रहे हैं।