साधु-संतों को जलील करने का आरोप, वीडियो में देखें टोंक में बोले सचिन पायलट, बीजेपी पर साधा तीखा निशाना
कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और राजस्थान के पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट ने भाजपा पर साधु-संतों और धार्मिक गुरुओं के अपमान का गंभीर आरोप लगाया है। टोंक के एक दिवसीय दौरे पर पहुंचे सचिन पायलट ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि जो लोग खुद को हिंदू धर्म का संरक्षक बताते हैं, वही लोग धर्मात्माओं, साधु-संतों को जलील करने का काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसा इसलिए किया जा रहा है क्योंकि ये लोग भाजपा की राजनीतिक सोच और रणनीति से सहमत नहीं हैं।
सचिन पायलट ने कहा, “जो लोग खुद को हिंदू धर्म का ठेकेदार बताते हैं, वही साधु-संतों को रोने के लिए मजबूर कर रहे हैं। अगर कोई धार्मिक गुरु उनकी राजनीति से सहमत नहीं होता, तो उसे सबक सिखाने की कोशिश की जाती है।” उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा असहमति की आवाज को दबाने के लिए हर स्तर पर दबाव बनाने का काम कर रही है, चाहे वह राजनीति हो या धर्म।
शंकराचार्य से जुड़े हालिया विवाद का जिक्र करते हुए पायलट ने कहा कि उनके साथ जो हुआ, वह बेहद आपत्तिजनक है। उन्होंने कहा, “शंकराचार्य जी एक प्रतिष्ठित धार्मिक गुरु हैं, जिन्हें समाज में सम्मान की दृष्टि से देखा जाता है। लेकिन वे भाजपा की पार्टी लाइन का पालन नहीं करते, इसलिए उनके साथ ऐसा व्यवहार किया गया।” पायलट ने कहा कि यह साफ दर्शाता है कि भाजपा सरकार को धर्म से नहीं, बल्कि सत्ता और नियंत्रण से मतलब है।
पूर्व डिप्टी सीएम ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार धर्म का इस्तेमाल केवल राजनीतिक फायदे के लिए कर रही है। उन्होंने कहा कि जो भी व्यक्ति या संस्था सरकार की नीतियों पर सवाल उठाती है या असहमति जताती है, उसे निशाने पर लिया जाता है। पायलट के अनुसार, यह रवैया लोकतंत्र और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता दोनों के लिए खतरनाक है।
सचिन पायलट ने केंद्र की भाजपा सरकार पर पूंजीपतियों के हित में काम करने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा, “यह सरकार पूंजीपतियों की सरकार है। देश की संपत्तियों को चुनिंदा लोगों के हाथों में सौंपने की नीति पर काम किया जा रहा है।” उन्होंने कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र की संपत्तियों का निजीकरण कर देश की संपदा कुछ गिने-चुने उद्योगपतियों को दी जा रही है, जबकि आम जनता महंगाई, बेरोजगारी और आर्थिक असमानता से जूझ रही है।
पायलट ने कहा कि भाजपा सरकार का असली चेहरा अब जनता के सामने आ चुका है। उन्होंने दावा किया कि लोग यह साफ देख रहे हैं कि सरकार किसके हित में फैसले ले रही है और किसकी आवाज को दबाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस तरह की नीतियों और रवैये का हर स्तर पर विरोध करती रहेगी।
टोंक दौरे के दौरान सचिन पायलट ने पार्टी कार्यकर्ताओं से भी मुलाकात की और संगठन को मजबूत करने पर चर्चा की। उन्होंने कार्यकर्ताओं से जनता के बीच जाकर सरकार की नीतियों की सच्चाई उजागर करने का आह्वान किया।