वीडियो में देंखे टोंक में चेजा-पत्थर माफिया पर बड़ा पुलिस एक्शन, 11 ट्रैक्टर-ट्रॉलियां जब्त
टोंक जिले में डीएसटी-क्यूआरटी और तीन थानों की पुलिस ने गुरुवार को चेजा-पत्थर माफिया पर भारी छापामार कार्रवाई की। इस कार्रवाई से माफियाओं में हड़कंप मच गया और इलाके में पुलिस की सक्रियता का संदेश गया।
पुलिस ने इस ऑपरेशन में ड्रोन का उपयोग किया और लोड ट्रैक्टर-ट्रोलियों का पीछा कर उन्हें पकड़ने में सफलता हासिल की। इस कार्रवाई में कुल 11 भरी हुई गाड़ियां जब्त की गईं। कई ट्रॉलियां माफिया ने छुपा रखी थीं, लेकिन ड्रोन की मदद से उनका पता लगाकर उन्हें भी जब्त किया गया।
खनन के अवैध काम में शामिल तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने बताया कि यह कार्रवाई टोंक जिला मुख्यालय से जयपुर रोड की ओर लगभग 5 किलोमीटर दूर कच्चा-बंधा वन क्षेत्र में की गई। ऑपरेशन के दौरान माफियाओं के पास से अवैध खनन सामग्री और उपकरण भी जब्त किए गए।
कार्रवाई के बाद पुलिस ने वन विभाग के अधिकारियों को मौके पर बुलाया। इसके बाद वन विभाग के एसीएफ अनुराग महर्षि समेत अन्य अधिकारी और कर्मचारी मुख्य स्थल पर पहुंचे और छापामारी के दौरान पुलिस की कार्रवाई में सहयोग किया। वन विभाग और पुलिस का यह संयुक्त ऑपरेशन अवैध खनन को रोकने में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
स्थानीय पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जिले में चेजा-पत्थर माफिया लंबे समय से अवैध खनन कर रहा था। यह कार्रवाई कानून व्यवस्था बनाए रखने और अवैध खनन को रोकने के उद्देश्य से की गई है। पुलिस ने कहा कि अब तक की सबसे बड़ी छापामारी में पकड़ी गई ट्रॉलियों और आरोपी इस माफिया गिरोह के लिए गंभीर संदेश है।
विशेषज्ञों का कहना है कि ड्रोन तकनीक के इस्तेमाल से इस तरह के अवैध खनन और माफिया गिरोहों पर नकेल कसना आसान हो गया है। ड्रोन की मदद से छुपी हुई ट्रॉलियों और उपकरणों का पता चलना और उन्हें जब्त करना अब तेजी से संभव है।
वन विभाग ने भी कहा कि अवैध खनन से वन क्षेत्र और पर्यावरण पर गंभीर असर पड़ता है। इस कार्रवाई से वन संरक्षण और नियमों के पालन को मजबूती मिलेगी। विभाग ने आश्वस्त किया कि भविष्य में इस तरह के ऑपरेशन नियमित रूप से किए जाएंगे और अवैध खनन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
पुलिस और वन विभाग का यह संयुक्त अभियान टोंक जिले में अवैध खनन और माफिया गतिविधियों पर नियंत्रण का एक उदाहरण माना जा रहा है। स्थानीय लोग भी इस कार्रवाई से संतुष्ट हैं और उन्हें उम्मीद है कि इससे इलाके में नियम-व्यवस्था बनाए रखने में मदद मिलेगी।
इस प्रकार, टोंक में डीएसटी-क्यूआरटी और थानों की पुलिस द्वारा ड्रोन और आधुनिक तकनीक के साथ किया गया छापामार ऑपरेशन अवैध खनन माफिया के लिए चेतावनी बन गया है। इस कार्रवाई में 11 ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की जब्ती और तीन आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ ही वन और पर्यावरण संरक्षण को भी मजबूत संदेश मिला है।