टोंक में कोयला परिवहन को लेकर विवाद, वीडियो में जाने वन विभाग और चालक के आरोप-प्रत्यारोप; दोनों पक्षों पर केस दर्ज
राजस्थान के Tonk जिले के डिग्गी थाना क्षेत्र में जयपुर-भीलवाड़ा स्टेट हाईवे पर कोयले से भरी एक पिकअप को लेकर वन विभाग की कार्रवाई विवादों में घिर गई है। यह घटना 5 मई की रात की बताई जा रही है, जिसके बाद अब मामला पुलिस और प्रशासनिक स्तर पर जांच का विषय बन गया है।पिकअप चालक नवरत्न बागरिया ने आरोप लगाया है कि मालपुरा रेंजर और अन्य वनकर्मियों ने वैध टीपी (ट्रांजिट परमिट) पर्ची दिखाने के बावजूद उनके साथ मारपीट की और उनसे 42 हजार रुपये छीन लिए। चालक का यह भी कहना है कि इस दौरान उसके सिर में गंभीर चोट लगी, जिसके बाद उसे अस्पताल में चार टांके लगाने पड़े।
घटना के बाद चालक पक्ष ने वन विभाग पर कार्रवाई को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं और आरोप लगाया है कि नियमों के बावजूद उनके साथ गलत व्यवहार किया गया।वहीं दूसरी ओर वन विभाग की रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने भी काउंटर कार्रवाई करते हुए चालक समेत अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ने आरोप लगाया है कि पिकअप में अवैध कोयले का परिवहन किया जा रहा था और जब जांच की गई तो राजकार्य में बाधा डालने की कोशिश की गई।इस मामले में दोनों पक्षों की ओर से अलग-अलग दावे सामने आने के बाद स्थिति और अधिक विवादित हो गई है। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि पिकअप में मौजूद कोयला वैध था या अवैध, और क्या टीपी पर्ची सही थी या नहीं।
अधिकारियों के अनुसार, मामले की निष्पक्ष जांच के लिए सभी दस्तावेजों और घटनास्थल के साक्ष्यों को खंगाला जा रहा है। साथ ही मेडिकल रिपोर्ट और गवाहों के बयान भी दर्ज किए जा रहे हैं।स्थानीय स्तर पर इस घटना ने वन विभाग की कार्रवाई और परिवहन व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। कुछ लोगों का कहना है कि जांच पूरी होने से पहले किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। फिलहाल पुलिस दोनों पक्षों के दावों की पुष्टि में जुटी है और कहा गया है कि जांच के बाद ही आगे की कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी।