श्रीगंगानगर कलेक्ट्रेट में किसान से बदसलूकी का वीडियो वायरल, महिला हेड कॉन्स्टेबल के बयान पर विवाद
Sri Ganganagar में MSP पर गेहूं की तुलाई नहीं होने से परेशान किसानों का गुस्सा उस समय और बढ़ गया, जब कलेक्ट्रेट में एक महिला हेड कॉन्स्टेबल द्वारा किसान से कथित बदसलूकी का मामला सामने आया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद प्रशासन और पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठने लगे हैं।जानकारी के अनुसार, किसान न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर गेहूं की तुलाई नहीं होने की समस्या को लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे थे। भीषण गर्मी के बीच लंबे समय तक इंतजार करने के बाद कई किसान बिल्डिंग की गैलरी में पहुंच गए। इसी दौरान एक किसान थकान के कारण फर्श पर बैठ गया।
वीडियो में दिखाई दे रहा है कि वहां मौजूद महिला हेड कॉन्स्टेबल किसान पर भड़क गई और उसे फर्श से उठने के लिए कहने लगी। आरोप है कि महिला पुलिसकर्मी ने किसान के साथ अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया। वायरल वीडियो में वह कहती सुनाई दे रही है कि “नीचे क्यों बैठा है, रास्ते से उठ जा। खड़े होने से पैर दुख रहे हैं तो शरीर में ताकत डाल। मां को बोल तुझे रोटी दे।”इतना ही नहीं, महिला हेड कॉन्स्टेबल ने कथित तौर पर यह भी कहा कि “बैठने की जगह नहीं है तो कुर्सी मेरे बाप की लाऊं क्या? तेरे बाप को बोल दे, कुर्सी लाकर दे देगा।” वीडियो में किसान और पुलिसकर्मी के बीच बहस भी होती दिखाई दे रही है।
बताया जा रहा है कि यह घटना 20 मई की है, लेकिन इसका वीडियो अब सामने आने के बाद मामला तूल पकड़ गया है। सोशल मीडिया पर लोग महिला पुलिसकर्मी के व्यवहार की आलोचना कर रहे हैं और किसान के साथ सम्मानजनक व्यवहार की मांग कर रहे हैं।वहीं किसान संगठनों ने भी इस घटना पर नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि किसान पहले से ही फसल तुलाई की समस्या और भीषण गर्मी से परेशान हैं, ऐसे में प्रशासन और पुलिस को संवेदनशील रवैया अपनाना चाहिए।
Rajasthan Police और जिला प्रशासन की ओर से फिलहाल मामले में आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। हालांकि वायरल वीडियो के बाद पूरे घटनाक्रम की जांच की संभावना जताई जा रही है।राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर भी यह मामला चर्चा का विषय बन गया है। विपक्षी दलों ने सरकार पर किसानों की समस्याओं को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया है। फिलहाल, वायरल वीडियो के बाद प्रशासन पर कार्रवाई का दबाव बढ़ता नजर आ रहा है और सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि मामले में आगे क्या कदम उठाए जाते हैं।