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श्रीगंगानगर में फर्जी टांटिया यूनिवर्सिटी वेबसाइट से साइबर ठगी का खुलासा, मुख्य आरोपी गिरफ्तार

 

राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले में टांटिया यूनिवर्सिटी के नाम पर छात्रों को ठगने और जाली डिग्रियां जारी करने वाले बड़े साइबर फ्रॉड का खुलासा हुआ है। सदर थाना पुलिस ने इस मामले में तुरंत कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी को पंजाब के मुक्तसर से गिरफ्तार किया है।

पुलिस के अनुसार, आरोपी ने ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से फर्जी वेबसाइट बनाई थी और छात्रों को यह विश्वास दिलाया कि यह वेबसाइट सच्ची टांटिया यूनिवर्सिटी से संबंधित है। इसके जरिए उन्होंने कई छात्रों से भारी रकम वसूली की और बाद में उन्हें जाली डिग्रियां जारी की।

सदर थाना पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि गिरफ्तारी के दौरान आरोपी के पास से लैपटॉप, मोबाइल फोन और बड़ी मात्रा में संदिग्ध डिजिटल डाटा बरामद किया गया। इन उपकरणों की जांच में पुलिस को कई ऐसे प्रमाण मिले हैं जो दर्शाते हैं कि आरोपी ने लंबे समय से यह साइबर ठगी की योजना बनाई थी।

पुलिस ने बताया कि अब इस डिजिटल डाटा और हार्डवेयर की विशेषज्ञ जांच की जाएगी, ताकि पता लगाया जा सके कि कितने छात्र इस जाल में फंसे और कितनी राशि की ठगी की गई। अधिकारियों का कहना है कि जाली डिग्रियां और ऑनलाइन ठगी के मामले में आरोपी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

इस मामले ने न केवल छात्रों और अभिभावकों में चिंता पैदा की है, बल्कि शिक्षा क्षेत्र में ऑनलाइन धोखाधड़ी और फर्जी डिग्रियों की समस्या को भी उजागर किया है। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मामले युवाओं के भविष्य और शिक्षा प्रणाली की साख पर गंभीर असर डालते हैं।

छात्रों और अभिभावकों ने पुलिस की कार्रवाई की सराहना की है और कहा कि इस गिरफ्तारी से भविष्य में ऑनलाइन धोखाधड़ी रोकने में मदद मिलेगी। उन्होंने सभी छात्रों से अपील की है कि वे किसी भी ऑनलाइन एजुकेशन पोर्टल या विश्वविद्यालय से संबंधित जानकारी सत्यापित स्रोतों से ही लें।

पुलिस अधिकारियों ने यह भी चेतावनी दी है कि फर्जी विश्वविद्यालय और जाली डिग्रियों के मामले लगातार बढ़ रहे हैं, इसलिए छात्रों को सतर्क रहने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि किसी भी शंका या संदेह की स्थिति में तुरंत स्थानीय पुलिस या साइबर सेल से संपर्क किया जाए।

इस गिरफ्तारी के साथ ही श्रीगंगानगर पुलिस ने यह संदेश दिया है कि शहर और आसपास के क्षेत्रों में साइबर अपराधियों को बख्शा नहीं जाएगा। अधिकारियों ने कहा कि डिजिटल ठगी, फर्जी डिग्रियों और ऑनलाइन धोखाधड़ी जैसे मामलों में सतर्कता और त्वरित कार्रवाई अत्यंत आवश्यक है।

श्रीगंगानगर में हुए इस खुलासे ने यह स्पष्ट कर दिया है कि शिक्षा और ऑनलाइन लेनदेन में सुरक्षा उपायों का पालन कितना जरूरी है। साथ ही यह घटना छात्रों और अभिभावकों के लिए चेतावनी भी है कि वे फर्जी वेबसाइट और अनधिकृत एजेंसियों से बचकर रहें और अपने भविष्य के प्रति सजग रहें।