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घड़साना में बवाल: जच्चा-बच्चा की मौत पर भड़का गुस्सा, बैरिकेड्स तोड़ SDM ऑफिस का घेराव

 

राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले के घड़साना कस्बे में जच्चा-बच्चा की मौत के मामले ने तूल पकड़ लिया है। मंगलवार को हजारों की संख्या में लोग सड़कों पर उतर आए और प्रशासन के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। हालात इतने बिगड़ गए कि आक्रोशित भीड़ ने पुलिस के बैरिकेड्स तोड़ दिए और एसडीएम कार्यालय का घेराव कर दिया। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी झड़प भी हुई, जिससे इलाके में तनावपूर्ण माहौल बन गया।

क्या है पूरा मामला

मामला 25 फरवरी का बताया जा रहा है, जब खानुवाली निवासी सुदेश कुमारी को प्रसव के लिए घड़साना के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। परिजनों का आरोप है कि इलाज में लापरवाही और गलत तरीके से रेफर किए जाने के कारण सुदेश कुमारी और उसके नवजात बच्चे की मौत हो गई। इसके बाद से ही परिवार और ग्रामीण लगातार दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

परिजनों का कहना है कि अस्पताल प्रबंधन और संबंधित डॉक्टर की लापरवाही ने एक साथ दो जिंदगियां छीन लीं। उनका आरोप है कि मामले को दबाने की कोशिश की जा रही है, जिसके चलते उन्हें सड़कों पर उतरकर आंदोलन करना पड़ रहा है।

उग्र हुआ प्रदर्शन, बैरिकेड्स तोड़े

मंगलवार को प्रदर्शन ने अचानक उग्र रूप ले लिया। कांग्रेस नेत्री रामदेवी बावरी के नेतृत्व में बड़ी संख्या में लोग एसडीएम कार्यालय की ओर बढ़े। प्रशासन ने पहले से ही बैरिकेड्स लगाकर भीड़ को रोकने की कोशिश की थी, लेकिन प्रदर्शनकारी नहीं माने और बैरिकेड्स तोड़ते हुए दफ्तर के बाहर पहुंच गए।

इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की हुई। हालात बिगड़ते देख मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया। पूरे क्षेत्र में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की जा रही है।

पहले भी हो चुका है प्रदर्शन

बताया जा रहा है कि इस मामले को लेकर 12 मार्च को भी विरोध प्रदर्शन हुआ था। उस समय प्रशासन ने जांच का भरोसा देकर लोगों को शांत कराया था। लेकिन समय पर कार्रवाई नहीं होने से लोगों में नाराजगी और बढ़ गई।

दोबारा जांच के आदेश

प्रशासन के मुताबिक, चिकित्सा विभाग द्वारा पहले दी गई जांच रिपोर्ट से जिला कलेक्टर संतुष्ट नहीं थीं। इसी वजह से मामले की दोबारा जांच के आदेश दिए गए हैं। अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से समय मांगा था, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने के कारण लोगों का गुस्सा फूट पड़ा।

आंदोलन जारी रखने की चेतावनी

प्रदर्शनकारियों ने साफ कहा है कि जब तक दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर गिरफ्तारी नहीं की जाती, उनका आंदोलन जारी रहेगा। ग्रामीणों और परिजनों का कहना है कि उन्हें केवल न्याय चाहिए और इसके लिए वे किसी भी हद तक जाने को तैयार हैं।

फिलहाल घड़साना में स्थिति संवेदनशील बनी हुई है। प्रशासन और पुलिस हालात पर नजर बनाए हुए हैं और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए अतिरिक्त बल तैनात किया गया है।