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सिरोही में लेपर्ड का हमला, फुटेज में देंखे दुकान से लौट रहे युवक गंभीर रूप से घायल

 

सिरोही जिले के पिंडवाड़ा तहसील के बसंतगढ़ गांव में गुरुवार रात एक लेपर्ड ने दुकान से घर लौट रहे युवक पर हमला कर दिया। हमले में युवक गंभीर रूप से घायल हो गया और उसे प्राथमिक उपचार के बाद सिरोही ट्रॉमा सेंटर से उदयपुर रेफर किया गया है। युवक की स्थिति फिलहाल गंभीर बनी हुई है।

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जानकारी के अनुसार, बसंतगढ़ निवासी पुनाराम, पुत्र हुसा राम, गुरुवार रात करीब 9 बजे अपनी दुकान से घर लौट रहा था। अंधेरे में अचानक एक लेपर्ड ने पीछे से उस पर हमला कर दिया। हमले के दौरान लेपर्ड ने युवक की गर्दन पकड़कर उसे घसीटने का प्रयास किया।युवक की चीख-पुकार सुनकर कुछ ग्रामीण मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों की आवाज सुनकर और भीड़ को देखकर लेपर्ड ने पुनाराम को थोड़ी दूर घसीटने के बाद छोड़ दिया और जंगल की ओर भाग गया।

घायल पुनाराम को तुरंत पिंडवाड़ा के सरकारी अस्पताल ले जाया गया। वहां डॉक्टरों ने उसकी गंभीर हालत को देखते हुए उसे एम्बुलेंस 108 की मदद से सिरोही ट्रॉमा सेंटर भेजा। ट्रॉमा सेंटर में डॉक्टरों ने उसके गले पर लेपर्ड के गहरे दांतों के निशान और चिंताजनक स्थिति को देखते हुए उसे बेहतर उपचार के लिए उदयपुर रेफर कर दिया।

पुलिस और वन विभाग के अधिकारियों ने घटना की पुष्टि की है। स्थानीय लोग और ग्रामीण इस हमले से सकते में हैं। वन विभाग ने कहा कि इलाके में हाल ही में लेपर्ड की दृष्टि और आवाज की कई बार जानकारी मिली थी, लेकिन किसी भी तरह की सुरक्षा व्यवस्था नहीं होने के कारण यह घटना हुई।वन विभाग के अधिकारी ग्रामीणों से सावधानी बरतने की अपील कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अंधेरे में अकेले बाहर न निकलें और खेतों या जंगल के पास जाने पर सतर्क रहें। विभाग ने आसपास के इलाकों में पेट्रोलिंग बढ़ाने और लेपर्ड के मूवमेंट पर निगरानी रखने का आदेश दिया है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि बसंतगढ़ और आसपास के गांवों में लेपर्ड अक्सर दिखाई देता है। हालांकि यह पहला मामला है जब किसी व्यक्ति पर हमला हुआ है। ग्रामीण डर और असुरक्षा की स्थिति में हैं, खासकर रात के समय।विशेषज्ञों का कहना है कि वन्य जीव और मानव क्षेत्र के बीच लगातार टकराव के कारण ऐसे हमले बढ़ रहे हैं। वन विभाग को चाहिए कि वह मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने के लिए प्रभावी कदम उठाए, जैसे कि जंगल के रास्तों पर चेतावनी बोर्ड, ग्रामीणों को जागरूक करना और लेपर्ड के मूवमेंट पर निगरानी रखना।

इस घटना ने एक बार फिर यह दिखाया है कि मानव और वन्यजीवों के क्षेत्रीय टकराव में सतर्कता बेहद जरूरी है। पुनाराम की हालत गंभीर है और उसके परिवार को शॉक और चिंता का सामना करना पड़ रहा है।सिरोही प्रशासन और वन विभाग ने आश्वासन दिया है कि घायलों की मदद के साथ-साथ इलाके में सुरक्षा बढ़ाने के लिए कदम उठाए जाएंगे।