×

खाटूश्यामजी मंदिर के मुख्य द्वार पर युवाओं की मारपीट, वीडियो में देखें पुलिस ने 3 को मौके से गिरफ्तार

 

प्रसिद्ध धार्मिक स्थल खाटूश्यामजी मंदिर के मुख्य द्वार पर रविवार को दो युवकों के बीच अचानक मारपीट और धक्का-मुक्की की घटना सामने आई, जिसे लेकर मंदिर परिसर में मौजूद लोगों में अफरातफरी का माहौल बन गया। घटना का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें दोनों पक्ष आपस में भिड़ते दिख रहे हैं।

<a style="border: 0px; overflow: hidden" href=https://youtube.com/embed/wyVFrSGmgT8?autoplay=1&mute=1><img src=https://img.youtube.com/vi/wyVFrSGmgT8/hqdefault.jpg alt=""><span><div class="youtube_play"></div></span></a>" style="border: 0px; overflow: hidden;" width="640">

मंदिर प्रांगण में दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे, तभी मुख्य प्रवेश द्वार के पास दो पक्षों के बीच बहस शुरू हुई। देखते ही देखते बात हाथापाई तक पहुंच गई। कुछ युवकों ने एक दूसरे पर धक्का-मुक्की और मारपीट शुरू कर दी, जिससे आसपास की भीड़ भयभीत हो गई और हड़कम्प मच गया।

घटना की सूचना मिलने पर पुलिस कर्मियों ने तेजी से हस्तक्षेप किया और स्थिति पर काबू पाया। मौके से पुलिस ने तीन युवकों को तुरंत हिरासत में लिया। गिरफ्तार किए गए आरोपियों के पास से कुछ धारदार हथियार भी जब्त किए गए हैं, जिनके आधार पर पुलिस आगे की जांच कर रही है।

पुलिस अधिकारी ने बताया कि मारपीट की वजह दो पक्षों के बीच किसी निजी विवाद की प्रारंभिक जानकारी मिली है, लेकिन मामले की गहराई से जांच की जा रही है। थाना टीम घायल युवकों के बयान भी दर्ज कर रही है और स्थानीय सीसीटीवी फुटेज का विश्लेषण कर रही है, ताकि घटना की सही वजह का पता लगाया जा सके।

घटना से मंदिर परिसर में दर्शन कर रहे श्रद्धालुओं में असमंजस और चिंता का माहौल देखने को मिला। कई श्रद्धालु अपने मोबाइल फोन से वीडियो रिकॉर्ड करते नजर आए, जिसमें साफ दिखाई दे रहा है कि दोनों पक्षों ने मंदिर के मुख्य द्वार पर एक दूसरे से नजदीकी दूरी पर भिड़ाई की। इससे पहले इस प्रकार की घटना खाटूश्यामजी जैसे पवित्र स्थल पर शायद ही सुनी गई हो, जिससे लोग हैरान हैं।

पुलिस ने बताया कि घायल युवकों को प्राथमिक उपचार के लिए नजदीकी अस्पताल ले जाया गया है और स्थिति स्थिर बताई जा रही है। गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ सख्त धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस यह भी स्पष्ट कर रही है कि धार्मिक स्थलों पर किसी भी प्रकार की हिंसा बर्दाश्त नहीं की जाएगी और ऐसे अपराधियों के खिलाफ कानून के अनुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

स्थानीय प्रशासन ने मंदिर परिसर की सुरक्षा बढ़ा दी है और दर्शनार्थियों से अपील की है कि वे शांतिपूर्ण रहकर पूजा-अर्चना करें। मंदिर समिति भी इस घटना पर गहरा अफ़सोस व्यक्त किया है और कहा है कि ऐसे पवित्र स्थल पर हिंसा अत्यंत चिंता का विषय है।

इस घटना ने एक बार फिर यह संकेत दिया है कि धार्मिक स्थलों पर अनुशासन और सुरक्षा का विशेष ध्यान रखना आवश्यक है, ताकि श्रद्धालु बिना किसी भय के अपने धार्मिक कर्तव्यों का पालन कर सकें।