वीडियो में देंखे सीकर में निजी स्कूल की दो बसों की टक्कर, 36 बच्चे घायल
शहर में आज सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ, जिसमें दो निजी स्कूल की बसें आपस में टकरा गईं। हादसे में दोनों बसों में सवार लगभग 36 बच्चे घायल हुए हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह हादसा ओवरटेक करने के चक्कर में हुआ।
मौका दादिया थाना क्षेत्र का है। दुर्घटना के समय दोनों बसें बच्चों को घर से स्कूल लेकर जा रही थीं। बसें दुर्गापुरा नाड़ी जोहड़ी के पास मुख्य सड़क की तरफ आने वाले रास्ते पर पहुंचीं। तभी एक बस दूसरी बस के साइड से टकरा गई। टक्कर के बाद एक बस सड़क किनारे पलट गई, जबकि दूसरी बस के ड्राइवर ने अचानक ब्रेक लगाया, जिससे बस में सवार बच्चों के सिर और मुंह आगे की सीटों से भिड़ गए और उन्हें चोटें आईं।
सूचना मिलते ही दादिया थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस के साथ एंबुलेंस और प्राइवेट गाड़ियों के जरिए घायल बच्चों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया। घायल बच्चों को पिपराली के सरकारी हॉस्पिटल और सीकर के एसके हॉस्पिटल में भर्ती करवाया गया है। चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद सभी बच्चों की स्थिति स्थिर बताई है।
पुलिस अधिकारी ने बताया कि हादसे की पूरी जांच की जा रही है और बसों के ड्राइवरों से पूछताछ की जाएगी। प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार, हादसा सड़क पर तेज गति और ओवरटेक के दौरान अनुशासनहीनता के कारण हुआ। अधिकारी ने चेतावनी दी है कि बच्चों को लेकर चलने वाले सभी वाहन चालक नियमों का पालन करें और सुरक्षित ड्राइविंग सुनिश्चित करें।
स्थानीय लोगों और स्कूल प्रबंधन ने भी हादसे के बाद राहत कार्य में सहयोग किया। स्कूल प्रशासन ने कहा कि घायल बच्चों के माता-पिता को तुरंत सूचना दी गई और सभी बच्चों का चिकित्सकीय देखभाल सुनिश्चित किया गया।
विशेषज्ञों का कहना है कि स्कूल बसों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान देना जरूरी है। सीट बेल्ट, सीट की दूरी और वाहन की गति पर नियंत्रण बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित कर सकता है। इसके अलावा, सड़क पर बच्चों को लेकर चलने वाले वाहन चालक नियमों का सख्ती से पालन करें, तभी इस तरह के हादसों से बचा जा सकता है।
पुलिस ने आम जनता से भी अपील की है कि दुर्घटना वाले मार्ग पर वाहन चलाते समय सावधानी बरतें और स्कूल बसों के लिए निर्धारित गति सीमा का पालन करें। उन्होंने कहा कि इस मामले में आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी और जिम्मेदार चालक के खिलाफ कठोर कदम उठाए जाएंगे।
इस हादसे ने एक बार फिर स्कूल बसों की सुरक्षा और सड़क नियमों के पालन की आवश्यकता को उजागर किया है। प्रशासन ने कहा है कि भविष्य में ऐसे हादसों से बचने के लिए सड़क सुरक्षा उपायों को और सख्त किया जाएगा और बच्चों की सुरक्षा सर्वोपरि रहेगी।