सीकर सड़क हादसे का दर्दनाक मंजर, फुटेज में देखें एक साथ उठीं पांच अर्थियां, पूरे गांव में पसरा मातम
सीकर जिले में बुधवार को हुए भीषण सड़क हादसे ने पूरे राजस्थान को झकझोर कर रख दिया। इस हादसे में फतेहपुर के एक ही परिवार की सात महिलाओं की दर्दनाक मौत हो गई थी। हादसे के बाद गांव में मातम पसरा हुआ है और हर आंख नम है। गुरुवार को दो महिलाओं का अंतिम संस्कार किया गया, जबकि शुक्रवार को एक साथ पांच अर्थियां उठीं। एक ही चिता स्थल पर जब पांच चिताओं को एक साथ अग्नि दी गई, तो वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखें भर आईं।
यह हादसा उस समय हुआ, जब सभी महिलाएं एक अंतिम संस्कार में शामिल होकर लौट रही थीं। जानकारी के अनुसार, ललित सैनी की मां मोहिनी देवी की ननद का निधन हो गया था। उनके अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए परिवार की महिलाएं कार से हरसावा गई थीं। अंतिम संस्कार के बाद सभी महिलाएं वापस अपने घर फतेहपुर लौट रही थीं।
बताया जा रहा है कि हरसावा से करीब एक किलोमीटर पहले सभी महिलाओं ने सड़क किनारे स्थित एक ढाबे पर रुककर चाय पी थी। चाय पीने के बाद वे अपनी यात्रा के लिए आगे बढ़ीं। लेकिन किसी को अंदाजा नहीं था कि कुछ ही मिनटों बाद यह सफर उनकी जिंदगी का आखिरी सफर बन जाएगा।
ढाबे से निकलने के कुछ ही देर बाद महिलाओं से भरी कार एक पिकअप वाहन से टकरा गई। टक्कर इतनी तेज थी कि कार अनियंत्रित हो गई और सामने से आ रहे एक ट्रक से जा भिड़ी। टक्कर के बाद कार पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। हादसा इतना भयावह था कि मौके पर ही कई महिलाओं ने दम तोड़ दिया, जबकि कुछ ने अस्पताल ले जाते समय रास्ते में ही अंतिम सांस ली।
हादसे की खबर जैसे ही फतेहपुर और आसपास के इलाकों में पहुंची, पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। गुरुवार को दो महिलाओं का अंतिम संस्कार किया गया, वहीं शुक्रवार को शेष पांच महिलाओं का अंतिम संस्कार एक साथ किया गया। जब एक साथ पांच अर्थियां उठीं, तो गांव का माहौल गमगीन हो गया। चिता स्थल पर परिजन, रिश्तेदार और ग्रामीण बड़ी संख्या में मौजूद रहे, लेकिन किसी के पास बोलने के लिए शब्द नहीं थे।
इस हादसे ने पूरे परिवार को तोड़कर रख दिया है। जिन घरों में कुछ दिन पहले हंसी-खुशी थी, वहां अब सन्नाटा पसरा हुआ है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और गांव के लोग उन्हें ढांढस बंधाने की कोशिश कर रहे हैं।
पुलिस ने हादसे के संबंध में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि तेज रफ्तार और टक्कर के कारण यह दुर्घटना हुई। प्रशासन की ओर से मृतकों के परिजनों को हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया गया है।
यह हादसा एक बार फिर सड़क सुरक्षा और सावधानी की जरूरत को रेखांकित करता है। एक ही परिवार की सात महिलाओं की असमय मौत ने पूरे इलाके को गहरे शोक में डुबो दिया है, जिसे भुला पाना लंबे समय तक मुश्किल रहेगा।