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पहलगाम हमले के विरोध में आज सीकर कोटा बंद

 

जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद, देशभर में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। इस हमले का असर सीमावर्ती क्षेत्रों में भी देखने को मिल रहा है, खासकर राजस्थान के बाड़मेर और जैसलमेर जिले में। इन दोनों जिलों के पाकिस्तान से सटे बॉर्डर इलाके में बीएसएफ (बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स) को हाई अलर्ट पर रखा गया है और सुरक्षा को लेकर कदम उठाए गए हैं।

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सीमा पर चौकसी बढ़ी
बीएसएफ ने पाकिस्तान बॉर्डर के पास अपनी सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत कर दिया है। तारबंदी के पास एक्स्ट्रा फोर्स तैनात की गई है ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना से निपटा जा सके। बीएसएफ के जवानों की गश्त बढ़ा दी गई है और तंग रास्तों पर निगरानी के लिए अतिरिक्त संसाधन मुहैया कराए गए हैं। यह कदम उस समय उठाया गया जब खुफिया रिपोर्ट्स में पाकिस्तान से आतंकियों के घुसपैठ की संभावना जताई गई थी।

बीएसएफ अधिकारियों का कहना है कि पहलगाम हमले के बाद, बॉर्डर क्षेत्रों में किसी भी तरह की साजिश को नाकाम करने के लिए कड़ी चौकसी रखी जा रही है। सीमा पर सभी निगरानी उपकरणों का पूरी तरह से इस्तेमाल किया जा रहा है, और सुरक्षा बलों को अलर्ट कर दिया गया है।

बीएसएफ के प्रवक्ता का बयान
बीएसएफ के एक प्रवक्ता ने कहा, "हमारे जवान पूरी तरह से तैयार हैं और किसी भी खतरे से निपटने के लिए हर संभव कदम उठा रहे हैं। सीमा पर अतिरिक्त गश्त और चौकसी बढ़ा दी गई है। हम पाकिस्तान से सटे इलाकों में हो रही हर गतिविधि पर बारीकी से निगरानी रख रहे हैं।"

सुरक्षा व्यवस्था में सुधार
सुरक्षा एजेंसियों ने बाड़मेर और जैसलमेर जिले में बॉर्डर के आसपास के इलाकों में सिविल प्रशासन के साथ मिलकर सुरक्षात्मक उपायों को बढ़ा दिया है। गांवों में भी ग्रामीणों को सतर्क किया गया है और उन्हें किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत अधिकारियों को देने के लिए कहा गया है। साथ ही, सीमा से जुड़े सभी महत्वपूर्ण मार्गों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।

राष्ट्रीय सुरक्षा पर ध्यान केंद्रित
भारत की सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि पाकिस्तान की ओर से आतंकवादियों के प्रवेश की संभावना बढ़ सकती है, और ऐसे में बॉर्डर सुरक्षा को मजबूत करना बेहद जरूरी है। पहलगाम आतंकी हमले के बाद, सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट मोड पर रखा गया है और आने वाले दिनों में सीमा पर कोई भी घुसपैठ न हो, इसके लिए कड़ी निगरानी रखी जाएगी।

स्थानीय नागरिकों का सहयोग
बाड़मेर और जैसलमेर के नागरिकों ने भी सुरक्षा बलों के साथ सहयोग की अपील की है और कहा है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि को नजरअंदाज नहीं करेंगे। नागरिकों का यह सहयोग सुरक्षा बलों के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकता है, क्योंकि यह सुनिश्चित करेगा कि बॉर्डर क्षेत्रों में कोई भी अवांछनीय गतिविधि नहीं हो।