जीणमाता मंदिर कल से अनिश्चितकाल के लिए बंद, वीडियो में देखें मारपीट के बाद पुजारी धरना भी देंगे
राजस्थान के प्रसिद्ध शक्तिपीठों में शुमार श्री जीणमाता मंदिर को शनिवार से अनिश्चितकाल के लिए बंद किए जाने की घोषणा कर दी गई है। यह निर्णय श्री जीणमाता मंदिर ट्रस्ट की ओर से गुरुवार को लिया गया, जिसकी जानकारी सार्वजनिक रूप से दी गई। इस फैसले से लाखों श्रद्धालुओं में मायूसी है, जो मां जीण भवानी के दर्शन हेतु नियमित रूप से मंदिर पहुंचते हैं।
हालांकि, मंदिर ट्रस्ट ने यह स्पष्ट किया है कि मंदिर परिसर के गर्भगृह में रोजाना होने वाली पारंपरिक पूजा और धार्मिक अनुष्ठान यथावत जारी रहेंगे। पुजारी और मंदिर के सेवायतों के द्वारा माता की सेवा-पूजा नियमित रूप से की जाती रहेगी, लेकिन आम श्रद्धालुओं को मंदिर में प्रवेश और दर्शन की अनुमति नहीं होगी।
मंदिर बंद किए जाने के पीछे के कारणों को लेकर ट्रस्ट की ओर से कोई विस्तृत स्पष्टीकरण अभी तक सामने नहीं आया है। हालांकि, आंतरिक सूत्रों का मानना है कि यह निर्णय प्रशासनिक कारणों, सुरक्षा व्यवस्था, या संरचनात्मक मरम्मत से जुड़ा हो सकता है। कुछ श्रद्धालुओं का यह भी मानना है कि यह कदम मंदिर प्रशासन और स्थानीय व्यवस्था के बीच चल रही किसी अंतर्कलह या विवाद का नतीजा हो सकता है।
जीणमाता मंदिर, जो शेखावाटी अंचल के सीकर जिले में स्थित है, नवरात्रि और अन्य धार्मिक पर्वों पर लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र रहता है। मंदिर बंद होने से न केवल धार्मिक गतिविधियां प्रभावित होंगी, बल्कि स्थानीय व्यापार, होटल व्यवसाय और छोटे दुकानदारों पर भी इसका व्यापक असर पड़ सकता है, जो श्रद्धालुओं पर निर्भर हैं।
श्रद्धालु वर्ग में इस निर्णय को लेकर असंतोष और सवाल भी उठ रहे हैं। सोशल मीडिया पर भी मंदिर प्रशासन से यह मांग की जा रही है कि मंदिर बंद करने के कारणों को सार्वजनिक किया जाए और यदि संभव हो तो वैकल्पिक व्यवस्थाएं करके दर्शन व्यवस्था को बहाल किया जाए।
ट्रस्ट की ओर से यह भी संकेत दिया गया है कि मंदिर दोबारा कब तक खोला जाएगा, इसकी कोई निर्धारित तिथि नहीं है। अनिश्चितकालीन बंद का अर्थ है कि स्थिति की समीक्षा के बाद ही कोई अगला निर्णय लिया जाएगा।
फिलहाल, श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि वे मंदिर न आएं और संयम बनाए रखें। पूजा-पाठ और अन्य धार्मिक क्रियाएं मंदिर परिसर के भीतर नियमानुसार जारी रहेंगी। मंदिर प्रशासन द्वारा आगे की सूचना समय-समय पर जारी की जाएगी।
इस बीच, लोगों की निगाहें अब ट्रस्ट और प्रशासन की अगली घोषणा पर टिकी हैं, जिससे स्पष्ट हो सके कि मां जीण भवानी के दर्शन एक बार फिर कब और कैसे संभव होंगे।