सीकर में स्कूल के खेल मैदान के आवंटन पर हाईकोर्ट की रोक, फुटेज में जानें प्रशासन से मांगा जवाब
सीकर जिले में सरकारी स्कूल के खेल मैदान को निजी कंपनी को आवंटित करने के मामले में हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने जिला कलेक्टर के आदेश पर अंतरिम रोक लगाते हुए राज्य सरकार सहित संबंधित अधिकारियों से जवाब तलब किया है।
मामला उस समय सामने आया जब सीकर कलेक्टर ने 5 फरवरी 2026 को एक सरकारी स्कूल के खेल मैदान को मैसर्स बाजोर डेजर्ट सफारी एंड रिसोर्ट को आवंटित कर दिया था। यह कंपनी पूर्व विधायक और सैनिक कल्याण बोर्ड के चेयरमैन प्रेम सिंह बाजौर से जुड़ी बताई जा रही है। कंपनी इस जमीन पर रिसोर्ट और सफारी प्रोजेक्ट विकसित करना चाहती थी।
इस फैसले के खिलाफ स्थानीय लोगों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की, जिसमें सरकारी जमीन को निजी उपयोग के लिए देने पर आपत्ति जताई गई। याचिकाकर्ताओं का कहना था कि इससे बच्चों के खेल और शिक्षा पर सीधा असर पड़ेगा।
मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने कलेक्टर के आदेश को फिलहाल स्थगित कर दिया। कोर्ट ने स्पष्ट निर्देश दिया कि अगली सुनवाई तक इस आदेश के क्रियान्वयन पर पूरी तरह रोक रहेगी।
इसके साथ ही कोर्ट ने राज्य सरकार, राजस्व विभाग, जिला कलेक्टर, जिला शिक्षा अधिकारी सहित अन्य संबंधित पक्षों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। कोर्ट ने यह भी कहा कि जब तक मामला विचाराधीन है, तब तक स्कूल पहले की तरह अपने खेल मैदान का उपयोग करता रहेगा।
इस फैसले के बाद स्थानीय लोगों और अभिभावकों ने राहत की सांस ली है। उनका कहना है कि बच्चों के खेल मैदान को बचाने के लिए यह जरूरी कदम था।