सीकर में ग्राम सेवा सहकारी समिति में 28 लाख की धोखाधड़ी, पूर्व व्यवस्थापक पर गंभीर आरोप
राजस्थान के सीकर जिले से बड़ी वित्तीय अनियमितता का मामला सामने आया है, जहां एक ग्राम सेवा सहकारी समिति में करीब 28 लाख रुपये की धोखाधड़ी का खुलासा हुआ है। इस मामले में पूर्व व्यवस्थापक पर वेतन और एरियर की राशि में गड़बड़ी कर सरकारी धन का दुरुपयोग करने के आरोप लगे हैं।
जानकारी के अनुसार, यह मामला समिति के वित्तीय रिकॉर्ड की जांच के दौरान सामने आया, जिसमें कई संदिग्ध लेन-देन और भुगतान में अनियमितताएं पाई गईं। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि पूर्व व्यवस्थापक ने फर्जी तरीके से वेतन और एरियर की राशि निकाली और खाते में गड़बड़ी की।
मामले के उजागर होने के बाद समिति प्रशासन में हड़कंप मच गया और संबंधित अधिकारियों ने उच्च स्तर पर रिपोर्ट भेजी। इसके बाद मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है।
स्थानीय स्तर पर यह मामला सामने आने के बाद सहकारी समितियों की कार्यप्रणाली और वित्तीय निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल उठने लगे हैं। ग्रामीणों और सदस्यों ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
फिलहाल प्रशासन ने रिकॉर्ड खंगालना शुरू कर दिया है और बैंक लेन-देन की भी जांच की जा रही है। पुलिस की ओर से मामला दर्ज होने के बाद आगे की कार्रवाई की जा रही है।
इस घटना ने एक बार फिर सहकारी समितियों में पारदर्शिता और जवाबदेही की आवश्यकता को लेकर बहस छेड़ दी है।