कोरोना के बाद शेखावाटी में धार्मिक पर्यटन ने खोली रोजगार की नई राहें
कोरोना महामारी के बाद राजस्थान में धीरे-धीरे पर्यटन क्षेत्र में सक्रियता बढ़ रही है, और खासतौर पर धार्मिक पर्यटन ने शेखावाटी में नए रोजगार के अवसर पैदा किए हैं। शेखावाटी की प्रसिद्ध हवेलियां, मंदिर और सांस्कृतिक विरासत अब पर्यटकों को आकर्षित कर रही हैं, जिससे स्थानीय लोगों की आमदनी में भी सुधार देखने को मिल रहा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि महामारी के दौरान पर्यटन उद्योग गहरे संकट में था, लेकिन अब धीरे-धीरे गतिविधियां बढ़ रही हैं। शेखावाटी में धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन की बढ़ती लोकप्रियता ने स्थानीय युवाओं और छोटे व्यवसायों के लिए रोजगार के नए रास्ते खोल दिए हैं। होटल, गेस्ट हाउस, ट्रैवल एजेंसियां, स्थानीय गाइड और छोटे कैफे-रेस्टोरेंट इस बढ़ती मांग का सीधा लाभ उठा रहे हैं।
स्थानीय व्यवसायियों का कहना है कि पिछले कुछ महीनों में धार्मिक पर्यटन में लगभग 30-40% की वृद्धि देखी गई है। उन्होंने बताया कि विदेशी और देशी पर्यटक अब शेखावाटी के मंदिर, धार्मिक स्थल और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं। इससे न केवल रोजगार बढ़ा है, बल्कि स्थानीय हस्तशिल्प और कला को भी नया मंच मिला है।
शेखावाटी पर्यटन विकास समिति के अध्यक्ष ने बताया कि सरकार और स्थानीय प्रशासन ने पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए कई पहल शुरू की हैं। मार्गदर्शन और सुविधाओं में सुधार, डिजिटल प्रचार और धार्मिक आयोजनों का प्रचार इस वृद्धि में मददगार साबित हुआ है। उन्होंने कहा, "धार्मिक पर्यटन ने न केवल पर्यटन उद्योग को जीवित रखा है, बल्कि स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर भी दिए हैं।"
विशेषज्ञों का कहना है कि धार्मिक पर्यटन का विकास सिर्फ आर्थिक लाभ ही नहीं, बल्कि सांस्कृतिक जागरूकता और समुदायिक सहयोग को भी बढ़ावा देता है। इससे स्थानीय लोगों में अपने धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहर के प्रति गर्व की भावना भी बढ़ती है।
स्थानीय युवाओं ने भी कहा कि पर्यटन में बढ़ोतरी ने उन्हें होटल, ट्रैवल एजेंसी, गाइड और अन्य सेवाओं में नौकरी पाने का मौका दिया है। इससे आर्थिक स्थिति मजबूत होने के साथ-साथ शेखावाटी की संस्कृति और विरासत को बचाए रखने में भी मदद मिली है।
कुल मिलाकर, कोरोना महामारी के बाद शेखावाटी में धार्मिक पर्यटन की बढ़ती मांग ने न केवल रोजगार के नए अवसर खोले हैं, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था और सांस्कृतिक पहचान को भी मजबूती दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह रुझान जारी रहा तो शेखावाटी आने वाले वर्षों में राजस्थान का प्रमुख धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन केंद्र बन सकता है।